कितने दिन की लगातार छुट्टी लेने पर IPS पर होती है कार्रवाई, क्या हैं सरकारी नौकरी के नियम?

सतीश कुमार
4 Min Read


सरकारी नौकरी में छुट्टी लेना हर कर्मचारी का अधिकार है, लेकिन जब बात आईपीएस अफसर की हो, तो नियम और जिम्मेदारी दोनों काफी सख्त होते हैं. इन दिनों हिमाचल प्रदेश में एक आईपीएस अधिकारी की बार-बार छुट्टी लेने की वजह से प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. इसी मामले के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि आखिर कितने दिन की लगातार छुट्टी लेने पर आईपीएस अफसर पर कार्रवाई हो सकती है.

हिमाचल प्रदेश सरकार ने धर्मशाला में स्टेट विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो के नॉर्दन रेंज में नई अस्थायी तैनाती की है. यहां ब्रह्म दास भाटिया को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी दी गई है. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि वहां तैनात आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह बार-बार छुट्टी पर जा रही थीं, जिससे कामकाज पर असर पड़ रहा था.

डीजीपी के आदेश में क्या कहा गया

हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने अपने आदेश में साफ लिखा कि आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह के बार-बार अवकाश पर रहने से विभागीय काम प्रभावित हुआ है. ऐसे में जब तक वह छुट्टी पर रहेंगी, तब तक उनकी जगह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, ताकि काम सुचारू रूप से चलता रहे.

कौन हैं आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह

अदिति सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली हैं. उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 679वीं रैंक हासिल की थी. उनकी शुरुआती पढ़ाई मेरठ के सोफिया गर्ल्स स्कूल से हुई. उनके पिता संजीव सिंह पेशे से डॉक्टर हैं, जबकि माता ज्योति सिंह कलक्ट्रेट में वरिष्ठ सहायक रह चुकी हैं. अदिति सिंह 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और अपनी सेवा के शुरुआती वर्षों में ही अहम जिम्मेदारियां संभाल रही हैं.

कब-कब ली गई छुट्टियां

  • 1 से 11 जनवरी के बीच चार दिन का अवकाश
  • 12 जनवरी को एक दिन की छुट्टी
  • 16 से 19 जनवरी तक लगातार अवकाश
  • 8 फरवरी से 22 फरवरी तक लंबी छुट्टी

IPS अफसरों के लिए छुट्टी के नियम क्या कहते हैं

आईपीएस अधिकारियों की छुट्टी से जुड़े नियम ऑल इंडिया सर्विसेज (लीव) रूल्स, 1955 के तहत तय किए गए हैं. इन नियमों के अनुसार, एक आईपीएस अधिकारी एक बार में अधिकतम 180 दिन की अर्न्ड लीव ले सकता है.

कितनी लंबी छुट्टी हो सकती है

नियमों के मुताबिक, किसी भी आईपीएस अधिकारी को किसी भी तरह की छुट्टी मिलाकर लगातार पांच साल से ज्यादा की छुट्टी नहीं दी जा सकती. अगर कोई अधिकारी तय समय से ज्यादा बिना अनुमति के अनुपस्थित रहता है, तो इसे गंभीर माना जाता है.

बिना अनुमति गायब रहने पर क्या होता है

अगर कोई आईपीएस अधिकारी अपनी स्वीकृत छुट्टी खत्म होने के बाद भी एक साल से ज्यादा समय तक बिना अनुमति के ड्यूटी पर नहीं लौटता है, तो उसे सेवा से इस्तीफा दिया हुआ माना जा सकता है.

महिला अधिकारियों के लिए विशेष प्रावधान

महिला आईपीएस अधिकारियों को चाइल्ड केयर लीव का भी प्रावधान मिलता है. इसके तहत वे अपने पूरे करियर में कुल 730 दिन यानी करीब दो साल की छुट्टी ले सकती हैं. यह सुविधा बच्चों की देखभाल के लिए दी जाती है, लेकिन इसका भी रिकॉर्ड रखा जाता है.

 

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Share This Article
Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.