Robot AI Delivery: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से विस्तार के साथ भारत में डिलीवरी सेक्टर में एक बड़ा तकनीकी प्रयोग शुरू हुआ है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम में दुनिया का पहला पब्लिक ऑटोमेटेड फिजिकल एआई डिलीवरी नेटवर्क व्यावसायिक रूप से संचालित किया जा रहा है, जहां बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के ड्रोन और रोबोट के जरिए सीधे ग्राहकों के घर तक सामान पहुंचाया जा रहा है.
रोबोट से डिलीवरी
इस व्यवस्था के तहत स्काई पोर्ट से ‘स्काई शिप’ नामक ड्रोन उड़ान भरते हैं और पैकेज को तय स्थान तक पहुंचाते हैं. ड्रोन पैकेज को एक सुरक्षित स्मार्ट बॉक्स, जिसे ‘अराइव प्वाइंट’ कहा जाता है, पर छोड़ते हैं. इसके बाद ऑटोमेटेड रोबोट यानी ऑटोबोट्स उस सामान को ग्राहक के दरवाजे तक पहुंचाते हैं. पूरी प्रक्रिया एआई सिस्टम से नियंत्रित होती है, जिससे डिलीवरी तेज, सटीक और अधिक सुरक्षित बनती है.
इस पहल में Sky Air Mobility और Arrive AI की प्रमुख भूमिका है. Ankit Kumar के अनुसार, उनके लोकल डिलीवरी पोर्ट ‘स्काई पोर्ट’ को एआई सिस्टम से जोड़ा गया है, जिससे संचालन पूरी तरह स्वचालित हो गया है.
AI समिट में प्रदर्शन
वहीं Dan O’Toole का कहना है कि ‘अराइव प्वाइंट’ हवा और जमीन के बीच पुल की तरह काम करता है और यह सुनिश्चित करता है कि ड्रोन और रोबोट के बीच सामान का आदान-प्रदान सुचारु रूप से हो. गुरुग्राम के सेक्टर 102 में फिलहाल चार आधुनिक एआई स्काई पोर्ट सक्रिय हैं. ऑटोनोमी के सीईओ रितुकर विजय की मानें तो यह ऑटोबोट्स आसानी से चल सकते हैं.
हाल ही में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में इस तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले समय में देश के अन्य शहरों में भी रोबोट और ड्रोन आधारित डिलीवरी आम हो सकती है.
इंसानों जैसे काम करने वाले रोबोट
कुछ दिनों पहले दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर भविष्य की तकनीक की झलक दिखाई थी. उनकी कंपनी टेस्ला ऐसे ह्यूमनॉइड रोबोट विकसित करने पर काम कर रही है, जो रोजमर्रा के कई काम इंसानों की तरह कर सकें.
इस दिशा में कंपनी का ऑप्टिमस जेन 2 दो पैरों पर चलने वाला रोबोट सामने आया है. जो कपड़े फोल्ड करने और खाना सर्व करने जैसे काम आसानी से कर लेता है. बदलती टेक्नोलॉजी के दौर में इस बात को नकारा नहीं जा सकता है कि, कभी रोबोट आम जगहों पर दिखेंगे और रोजमर्रा के छोटे-छोटे कामों में इंसानों की जगह लेंगे.

