आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रह गया है. इसका असर सीधे लोगों की नौकरियों और करियर पर दिखने लगा है. जो काम पहले इंसान करते थे, अब वही काम मशीनें तेजी से और कम लागत में कर पा रही हैं. इसी वजह से दुनिया भर में यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में AI नौकरी बाजार को पूरी तरह बदल देगा.
एक समय था जब माना जाता था कि मशीनें सिर्फ फैक्ट्री या मेहनत वाले काम ही करेंगी. लेकिन अब खतरा उन नौकरियों पर है, जिन्हें सुरक्षित माना जाता था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑफिस में बैठकर किए जाने वाले काम, जैसे डेटा प्रोसेसिंग, रिपोर्ट बनाना, कस्टमर सपोर्ट और फैसले लेने वाली कई भूमिकाएं AI से प्रभावित हो सकती हैं. एक्सपर्ट्स इसे नौकरी बाजार के लिए सुनामी जैसा बता रहे हैं.
भारत के लिए डबल चुनौती
भारत के लिए AI एक दोहरी चुनौती बनकर सामने आ रहा है. एक तरफ देश में बड़ी संख्या में युवा नौकरी की तलाश में हैं, वहीं दूसरी ओर कंपनियां तेजी से ऑटोमेशन की ओर बढ़ रही हैं. खासकर आईटी और आईटीईएस सेक्टर, जो अब तक लाखों लोगों को रोजगार देता रहा है, वहां AI सबसे बड़ा बदलाव ला सकता है. अगर समय रहते तैयारी नहीं की गई, तो नौकरियों में कटौती का खतरा बढ़ सकता है.
कंपनियां क्यों अपना रही हैं AI
कंपनियों के लिए AI अपनाने का सबसे बड़ा कारण लागत कम करना है. AI के जरिए काम तेजी से होता है, गलती कम होती है और कर्मचारियों पर होने वाला खर्च घटता है. जैसे-जैसे AI ज्यादा स्मार्ट होता जाएगा, कंपनियों के लिए इंसानों की जरूरत कम होती जाएगी. इसका सीधा असर नौकरियों और कर्मचारियों की संख्या पर पड़ सकता है.
सरकार की भूमिका
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर सरकार और कंपनियां मिलकर सही रणनीति बनाएं, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. सिर्फ नई नौकरियां पैदा करने की बात काफी नहीं है. जरूरी है कि मौजूदा कर्मचारियों को नई स्किल सिखाई जाए, ताकि वे बदलते समय के साथ खुद को ढाल सकें. स्कूल और कॉलेज स्तर से ही पढ़ाई के तरीके में बदलाव करना होगा.
IMF की चेतावनी
IMF की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा भी AI को लेकर चेतावनी दे चुकी हैं. उनके अनुसार, आने वाले वर्षों में AI दुनिया भर में 40 फीसदी तक नौकरियों को प्रभावित कर सकता है. विकसित देशों में यह आंकड़ा 60 फीसदी तक जा सकता है. हालांकि कुछ नौकरियों में AI मददगार भी होगा, लेकिन एंट्री लेवल और मिडिल लेवल की नौकरियां सबसे ज्यादा खतरे में होंगी.

