
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस खगोलीय परिवर्तन से आक्रामकता, आवेगशीलता और काम में व्यवधानों का सामना करना पड़ सकता है. जानकारों का मानना है कि, ग्रहों का यह उग्र संयोजन फैसले लेने, संघर्षों और दु्र्घटनाओं के जोखिम को बढ़ा सकता है, इस दौरान कुछ बातों से बचना बेहद जरूरी है.

