New Credit Card Rules: बड़े-बड़े शहरों से लेकर टियर टू और टियर थ्री शहरों में अब क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. अगर आप भी क्रेडिट कार्ड यूज करते हैं तो, यह खबर आपके काम आने वाली हैं.
दरअसल, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हाल ही में ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 जारी किया है. जिसमें कई प्रमुख बदलाव किए गए हैं. इन बदलावों में क्रेडिट कार्ड से जुड़ी कुछ चीजें भी शामिल है. आइए जानते हैं, इनके बारे में….
1. बड़े क्रेडिट कार्ड भुगतान की देनी होगी जानकारी
क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में पहला बदलाव यह है कि यदि बिल भुगतान की राशि बड़ी होती है, तो उसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देनी होगी. अगर कोई व्यक्ति एक वित्त वर्ष में 10 लाख रुपये से अधिक का क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान करता है.
यह भुगतान अन्य माध्यमों जैसे यूपीआई, बैंक ट्रांसफर या चेक से भी होता है तो इसकी रिपोर्टिंग करनी होगी. वहीं 1 लाख या उससे ज्यादा का नकद भुगतान की जानकारी भी विभाग को देनी होगी.
2. एड्रेस प्रूफ के तौर पर क्रेडिट कार्ड का यूज
पैन कार्ड के लिए आवेदन करते समय क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट एड्रेस प्रूफ के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि स्टेटमेंट तीन महीने से ज्यादा पुराना न हो. तय समय सीमा से पुराने स्टेटमेंट को अब वैध दस्तावेज नहीं माना जाएगा.
3. टैक्स भरने के लिए कर सकेंगे क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल
नए नियमों के तहत अब टैक्स भुगतान करने के लिए क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग को आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड के तौर पर अनुमित दी गई है. जिससे टैक्स भरना पहले से ज्यादा आसान और डिजिटल हो जाएगा.
4. क्रेडिट कार्ड के लिए पैन नंबर जरूरी
आवेदकों को क्रेडिट कार्ड अप्लाई करते समय पैन नंबर देना अनिवार्य कर दिया गया है. बैंक या दूसरी क्रेडिट कार्ड कंपनियां बिना पैन कार्ड के क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर पाएंगी. सरकार का मानना है कि, इससे ग्राहकों की लेन-देन में स्पष्टा आएगी और टैक्स सिस्टम को मजबूत करने में सहायता होगी.

