यूपी के पॉलिटेक्निक कॉलेजों का अपडेट होगा पाठ्यक्रम, पढ़ाए जाएंगे AI और साइबर सिक्योरिटी जैसे कोर्स

aditisingh
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उत्तर प्रदेश के राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में अब पढ़ाई का तरीका बदलने जा रहा है. सरकार ने तकनीकी शिक्षा को समय के अनुसार ढालने का फैसला लिया है. अब छात्रों को सिर्फ पुराने तकनीकी कोर्स ही नहीं, बल्कि नई और तेजी से बढ़ रही तकनीकों की भी पढ़ाई कराई जाएगी. इसका मकसद साफ है युवाओं को ऐसी शिक्षा दी जाए, जिससे उन्हें पढ़ाई पूरी करने के बाद बेहतर नौकरी मिल सके.  राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. आवेदन 15 जनवरी से भरे जा रहे हैं. फॉर्म भरने की लास्ट डेट 30 अप्रैल 2026 है.

प्राविधिक शिक्षा विभाग ने पाठ्यक्रम में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है. साथ ही कॉलेजों में मशीनें, लैब और अन्य जरूरी सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं. इससे छात्रों को किताबों के साथ-साथ मशीनों पर काम करने का मौका मिलेगा. राज्य भर के 45 पॉलिटेक्निक को एडवांस बनाने पर काम चल रहा है. इन कॉलेजों में नई मशीनें लगाई जा रही हैं और भवनों को बेहतर बनाया जा रहा है.

टाटा समूह के सहयोग से कई संस्थानों में नई लैब बनाई जा रही हैं. इन लैब में छात्र नई तकनीक को खुद समझ सकेंगे और प्रयोग करके सीख सकेंगे. सरकार का मानना है कि जब तक छात्र खुद मशीन पर काम नहीं करेंगे, तब तक वे पूरी तरह तैयार नहीं हो पाएंगे. नई सुविधाओं के साथ इन संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को ऐसा माहौल मिलेगा, जो किसी बड़े तकनीकी संस्थान से कम नहीं होगा.

एआई और डेटा साइंस जैसे कोर्स

2026-27 सेशन में अलग-अलग विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी. इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और डेटा एनालिसिस जैसे कोर्स शामिल हैं. साथ ही छात्रों को एडवांस लैब में प्रैक्टिकल कराया जाएगा. इससे वे मशीन चलाना, डेटा समझना और तकनीकी समस्या का हल निकालना सीखेंगे. सिलेबस को अच्छा बनाने के लिए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के साथ मिलकर काम किया जा रहा है. इसके अलावा केवल पाठ्यक्रम बदलने से काम पूरा नहीं होगा. इस बात को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों को भी नई तकनीक की ट्रेनिंग देने की योजना है.

किन्हें मिलेगा फायदा

इन कोर्स का सबसे बड़ा फायदा स्टूडेंट्स को होगा. जब वे नई तकनीक सीखेंगे, तो उन्हें नौकरी पाने में आसानी होगी. कंपनियां ऐसे युवाओं को प्राथमिकता देती हैं जिन्हें काम की समझ हो और जो आधुनिक मशीनों के साथ काम कर सकें. इसके साथ ही जो छात्र खुद का काम शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए भी यह पढ़ाई मददगार साबित होगी. नई तकनीक की जानकारी होने से वे अपना छोटा स्टार्टअप भी शुरू कर सकते हैं.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.