डिग्री नहीं, काबिलियत देखी: अहमदाबाद के CEO का अनोखा हायरिंग फैसला हुआ वायरल, करियर गैप के बावजूद दे दी नौकरी

aditisingh
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आजकल नौकरी की दुनिया में प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है. कंपनियां अक्सर उम्मीदवारों का चयन करते समय उनके रिज्यूमे को बारीकी से देखती हैं. अगर किसी के करियर में थोड़ा सा भी गैप दिख जाए, तो कई बार बिना पूरी बात समझे ही उसका आवेदन खारिज कर दिया जाता है. खासकर महिलाओं के साथ ऐसा ज्यादा होता है, क्योंकि वे पारिवारिक या निजी कारणों से कुछ समय के लिए नौकरी से ब्रेक ले लेती हैं, लेकिन हाल ही में अहमदाबाद की एक कंपनी के CEO ने एक अलग सोच दिखाते हुए यह साबित किया कि असली महत्व डिग्री या लगातार नौकरी करने का नहीं, बल्कि काबिलियत और सीखने की इच्छा का होता है. उनका यह फैसला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनकी पारदर्शी सोच की तारीफ कर रहे हैं. 

एक साल का करियर गैप, फिर भी मिला मौका

कहानी एक ऐसी युवती की है जिसके पास चार साल का अच्छा-खासा काम का अनुभव था. हालांकि, निजी कारणों की वजह से उसने एक साल का ब्रेक लिया था. यही एक साल का अंतराल उसके लिए नई नौकरी ढूंढने में बड़ी बाधा बन रहा था, कई कंपनियां शायद उसके रिज्यूमे को सिर्फ इसी कारण से अलग कर देती थीं. एक ऑपरेशनल पद के लिए उसका इंटरव्यू लिया गया. इंटरव्यू लगभग 20 से 30 मिनट तक चला और यह एक कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित किया गया. इंटरव्यू का संचालन कंपनी के सह-संस्थापक और सीओओ दर्शित लखानी ने किया. 

इंटरव्यू के बाद क्या हुई चर्चा?

इंटरव्यू खत्म होने के बाद CEO ने दर्शित से उनकी राय पूछी. दर्शित ने कहा कि उम्मीदवार आत्मविश्वासी, विनम्र और अच्छी सोच वाली है, लेकिन उन्होंने दो बड़ी चिंताओं का जिक्र किया. जिसमें उसकी अंग्रेजी बहुत कमजोर है, जिससे इनसाइड सेल्स जैसी भूमिका के लिए वह फिलहाल उपयुक्त नहीं है और उसके करियर में एक साल का गैप है, जिसकी वजह से बड़ी कंपनियां उसका रिज्यूमे पहले ही छांट देती होंगी शामिल था. जब उनसे कहा गया कि इन कमियों से आगे बढ़कर सोचें, तो दर्शित ने माना कि लड़की का रवैया सकारात्मक है और उसे ट्रेनिंग देकर बेहतर बनाया जा सकता है. असली समस्या सिर्फ यह थी कि कंपनी में उस समय उसके लिए कोई तय भूमिका नहीं थी. 

ईमानदारी से दिया गया प्रस्ताव

अक्सर कंपनियां ऐसी स्थिति में उम्मीदवार को टाल देती हैं, लेकिन यहां कुछ अलग हुआ. CEO ने युवती को दोबारा बुलाया और पूरी सच्चाई साफ-साफ बता दी. उसे बताया गया कि फिलहाल उसके लिए कोई निश्चित पद तय नहीं है और कोई झूठा वादा भी नहीं किया गया. सिर्फ साफ और सच्ची बात रखी गई. युवती ने इस पारदर्शिता को सकारात्मक रूप से लिया और सोमवार से काम शुरू करने के लिए हामी भर दी. सबसे खास बात यह रही कि अपने पहले दिन वह ठीक सुबह 9:30 बजे ऑफिस पहुंच गई. 

सीखने का जज्बा बना ताकत

उसके शब्द बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली थे. उसने कहा, मैं सबको देखूंगी और सीखूंगी. इससे मुझे समझने में मदद मिलेगी कि मुझसे क्या उम्मीद की जाती है, ताकि मैं खुद को उसी हिसाब से तैयार कर सकूं. यही सोच उसे बाकी उम्मीदवारों से अलग बनाती है. जहां कई लोग मौके का इंतजार करते हैं, वहीं उसने बिना किसी गारंटी के सीखने और खुद को साबित करने का फैसला किया.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.