क्रिएटिव फील्ड में करियर बनाना हुआ आसान, आईआईसीटी में 18 कोर्स और ग्लोबल इंटर्नशिप

aditisingh
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आज के दौर में कई युवा एनिमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं. लेकिन अक्सर सही मार्गदर्शन और इंडस्ट्री एक्सपोजर की कमी रास्ता रोक देती है. ऐसे में मुंबई में शुरू हुआ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज  युवाओं के लिए एक मजबूत मंच बनकर सामने आया है. यह संस्थान सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की पहल पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल में शुरू किया गया है, जहां पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री से सीधा जुड़ाव भी मिलता है.

स्कॉलरशिप की सुविधा 

इस संस्थान में फिलहाल 18 तरह के कोर्स चल रहे हैं. इनमें एनिमेशन, गेमिंग, वीएफएक्स, कॉमिक आर्ट और एक्सटेंडेड रियलिटी जैसे विषय शामिल हैं. कोर्स की अवधि तीन महीने से लेकर दो साल तक है, ताकि छात्र अपनी जरूरत और समय के हिसाब से विकल्प चुन सकें.अच्छी बात यह है कि यहां मेरिट के आधार पर 10 से 25 प्रतिशत तक की स्कॉलरशिप भी दी जा रही है. अभी करीब 300 छात्र यहां पढ़ाई कर रहे हैं.संस्थान फिलहाल राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) के मुंबई कैंपस से संचालित हो रहा है. यहां चार आधुनिक फ्लोर तैयार किए गए हैं, जिनमें स्मार्ट क्लासरूम, एडवांस लैब और स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर शामिल है.

इंटर्नशिप के मौके

इस संस्थान की खासियत इसका इंडस्ट्री कनेक्शन है. यहां गूगल, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, एडोब और एनवीडिया जैसी बड़ी कंपनियों से साझेदारी की गई है.इन कंपनियों के साथ टाइअप होने का फायदा यह है कि छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक ट्रेनिंग मिलती है. साथ ही, आगे चलकर इंटर्नशिप और नौकरी के अवसर भी खुल सकते हैं. ऐसे में कोर्स पूरा करने के बाद नौकरी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

विशेषज्ञों से सीखने का मिलेगा मौका

यहां पढ़ाने वाले शिक्षक अपने-अपने क्षेत्र में अनुभव रखते हैं. एनीमेशन, गेमिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन के जानकार प्रोफेशनल छात्रों को ट्रेनिंग दे रहे हैं. समय-समय पर फिल्म और मीडिया जगत की जानी-मानी हस्तियां जैसेआशुतोष गोवारिकर, केतन मेहता और रजत कपूर  भी यहां आकर छात्रों को मार्गदर्शन देते हैं.इससे छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित ज्ञान नहीं, बल्कि असली इंडस्ट्री का अनुभव भी मिलता है.

पढ़ाई के साथ पूरा प्रैक्टिकल

यहां पढ़ रहे छात्रों का कहना है कि संस्थान में पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर खास जोर दिया जाता है. अलग-अलग राज्यों से आए छात्र मानते हैं कि यहां जो सीखने को मिल रहा है, वह सामान्य संस्थानों से अलग और ज्यादा उपयोगी है.स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर की वजह से जो छात्र अपना काम शुरू करना चाहते हैं, उन्हें भी मार्गदर्शन और सपोर्ट मिल रहा है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.