उधर ईरान में जंग, इधर खौफ के साये में निवेशक; क्या आज शेयर बाजार पर टूटेगा बिकवाली का कहर?

aditisingh
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Share Market: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले और उस पर तेहरान की जवाबी कार्रवाई का असर चहुओर देखने को रहा है. एक तरफ अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 10 परसेंट का उछाल आया है. वहीं, अब दूसरी ओर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के कमजोर खुलने की आशंकाएं जताई जा रही हैं. ईरान-इजरायल और अमेरिका में जंग के कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का  ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट पर असर पड़ने की उम्मीद है.

अनिश्चितता का गहराता माहौल 

ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की इजरायली हमलों में मौत होने की खबरों ने अनिश्चितता और बढ़ा दी है. इससे निवेशक डरे हुए हैं. पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 961.42 अंक या 1.17 परसेंट गिरकर 81287.19 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी भी 317.90 अंक या 1.25 परसेंट की गिरावट के साथ 25178.65 के लेवल पर बंद हुआ था.

टैरिफ को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ को गैर-कानूनी मानने, AI से जुड़े अनुमानों को लेकर डर, इन सारी चीजों से निवेशक पहले ही परेशान थे. अब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई से दुनिया भर में अनिश्चितता और बढ़ गई है. ऐसे में क्रूड ऑयल की सप्लाई से लेकर शेयर बाजार के प्रदर्शन को लेकर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं.

दबाव में भारतीय शेयर बाजार

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी जिस तरह का माहौल है उससे घरेलू शेयर बाजार पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है. मौजूदा समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति का सबसे बड़ा ‘हॉट स्पॉट’ होर्मुज स्ट्रेट बना हुआ है क्योंकि दुनिया की लगभग 20 परसेंट ऑयल सप्लाई इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरती है. अगर ईरान-इजरायल के बीच संघर्ष बढ़ने से यह रूट बंद हो जाता है, तो तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकती हैं.

भारत पर इसका काफी असर पड़ने की उम्मीद है क्योंकि भारत का 60 परसेंट LPG इंपोर्ट और लगभग 50 परसेंट ऑयल इंपोर्ट इसी रास्ते से होकर जाता है. ऐसे में इस रूट पर किसी भी हलचल का तुरंत और बड़ा मैक्रोइकोनॉमिक असर होगा. इसके अलावा, तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का मतलब बाजार में जोखिम बढ़ना है क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 75 परसेंट से ज्यादा पेट्रोलियम इम्पोर्ट करता है. आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर अस्थिरता बढ़ने से महंगाई बढ़ने, करंट अकाउंट इम्बैलेंस के बढ़ने और RBI के रेट कर्व पर असर पड़ने की संभावना है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.