Defence Stocks Rise Today: Iran युद्ध और United States–Israel के संयुक्त हमलों के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन की शुरुआत में ही BSE Sensex करीब 1,000 अंक तक लुढ़क गया, जिससे निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया. ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ गई है.
हालांकि इस गिरावट के बीच रक्षा क्षेत्र की कंपनी Paras Defence and Space Technologies के शेयर में जबरदस्त तेजी देखी गई. बाजार खुलने के करीब एक घंटे के भीतर यह शेयर लगभग 12 प्रतिशत तक उछल गया, जिससे निवेशकों का ध्यान इस पर केंद्रित हो गया. सुबह करीब 10 बजे एनएसई पर कंपनी का शेयर 714.50 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से 76.70 रुपये अधिक था.
बाजार पर ईरान वॉर का असर
विश्लेषकों का मानना है कि जब वैश्विक स्तर पर युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में अक्सर तेजी आती है. इसकी मुख्य वजह यह है कि ऐसे समय में सरकारें रक्षा खर्च बढ़ा सकती हैं, जिससे डिफेंस कंपनियों के ऑर्डर बुक मजबूत होने की उम्मीद बढ़ती है.
जहां एक ओर बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता के कारण व्यापक बाजार पर दबाव है, वहीं रक्षा कंपनियां अपेक्षाकृत सुरक्षित दांव मानी जाती हैं, क्योंकि उनकी आय का बड़ा हिस्सा सरकारी ठेकों और दीर्घकालिक सामरिक परियोजनाओं से आता है. यानी, ईरान संकट के कारण बाजार में घबराहट तो है, लेकिन रक्षा क्षेत्र के शेयरों में संभावित अवसर भी दिखाई दे रहे हैं.
क्यों उछले डिफेंस शेयर?
जाहिर है कि आने वाले कुछ कारोबारी सत्र काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेंगे कि Middle East में हालात किस दिशा में जाते हैं और कच्चे तेल की कीमतों का रुख क्या रहता है. यदि भू-राजनीतिक तनाव बना रहता है या और बढ़ता है, तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. डिफेंस शेयरों में आई आज की तेजी केवल तात्कालिक प्रतिक्रिया नहीं मानी जा रही, बल्कि यह शॉर्ट टर्म के साथ-साथ लॉन्ग टर्म वैश्विक तनाव की आशंकाओं को भी दर्शाती है.
निवेशकों का मानना है कि रक्षा क्षेत्र पर सरकारी खर्च लंबे समय तक मजबूत रह सकता है, जिससे इस सेक्टर की कंपनियों की ऑर्डर बुक और आय पर सकारात्मक असर पड़ सकता है. साथ ही, रक्षा शेयरों में उछाल यह संकेत देता है कि अनिश्चित वैश्विक माहौल के बीच भी निवेशक इस सेक्टर को अपेक्षाकृत स्थिर और संभावनाशील मान रहे हैं.
ये भी पढ़ें: ईरान वॉर और US-इजरायल के उगलते शोलों से सहमा रुपया, भारत पर बढ़ा महंगाई का खतरा
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

