Child Academic Success Factors: क्या घर का माहौल बिगाड़ रहा है बच्चे का रिपोर्ट कार्ड? रिसर्च में सामने आया बड़ा कनेक्शन

aditisingh
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Does Poor Housing Affect A Child’s School Performance: अक्सर हम बच्चों की रिपोर्ट कार्ड को उनकी मेहनत, ध्यान और बुद्धिमत्ता से जोड़कर देखते हैं. लेकिन हालिया रिसर्च बताते हैं कि बच्चों की शैक्षणिक सफलता सिर्फ कक्षा में उनके प्रदर्शन पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उनके घर का माहौल भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है। रहने की खराब परिस्थितियां, जैसे घर में भीड़भाड़, सीलन या ठीक से हीटिंग की व्यवस्था न होना बच्चों की सेहत के साथ-साथ उनकी पढ़ाई पर भी असर डालती हैं.

क्या कहती है रिसर्च?

जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिटी हेल्थ में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, खराब गुणवत्ता वाले घरों में रहने वाले बच्चे स्कूल से ज्यादा अनुपस्थित रहते हैं और अंग्रेजी व गणित जैसे अहम विषयों में कम अंक हासिल करते हैं. रिसर्चर ने पाया कि इंग्लैंड में जो बच्चे खराब क्वालिटी वाले घरों में रहते हैं, वे औसतन 15 दिन ज्यादा स्कूल मिस करते हैं. इतना ही नहीं, ऐसे बच्चों के टेस्ट स्कोर भी बेहतर घरों में रहने वाले साथियों की तुलना में कम पाए गए. 

किन बच्चों को किया गया था शामिल?

इस स्टडी के लिए 2000 से 2002 के बीच जन्मे 8,992 बच्चों के आंकड़ों का एनालिसिस किया गया. सात साल की उम्र में उनके घर की क्वालिटी को छह मानकों पर परखा गया, इसमें घर का प्रकार, मंजिल, बगीचे की उपलब्धता, सीलन की मौजूदगी, पर्याप्त हीटिंग और भीड़भाड़. आंकड़ों से पता चला कि करीब 16 प्रतिशत बच्चे ऐसे घरों में रहते थे जो इन छह में से कम से कम दो मानकों पर खरे नहीं उतरते थे. इन बच्चों ने अनिवार्य स्कूली शिक्षा कक्षा 1 से 11 के दौरान हर साल औसतन 1.5 दिन ज्यादा अनुपस्थिति दर्ज की. सीलन, भीड़भाड़ और फ्लैट में रहने की स्थिति अनुपस्थिति से सबसे ज्यादा जुड़ी पाई गई. ग्रेड के स्तर पर भी फर्क दिखा कि खराब घरों में रहने वाले बच्चों के अंग्रेजी और गणित के अंक 2 से 5 प्रतिशत तक कम थे.

रिसर्चर का क्या कहना है?

शोधकर्ताओं का कहना है कि भीड़भाड़ वाले घरों में शोर, पढ़ाई के लिए जगह की कमी, नींद में बाधा और अतिरिक्त जिम्मेदारियां जैसे छोटे भाई-बहनों की देखभाल बच्चों की कंसंट्रेशन पर असर डालती हैं. वहीं, सीलन और ठंडे घर स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाते हैं, जिससे स्कूल छूटता है.  रिपोर्ट यह भी बताती है कि अगर घरों की क्वाविटी सुधारी जाए, तो सीलन कम की जाए, भीड़भाड़ घटाई जाए और हीटिंग व ऊर्जा बेहतर की जाए तो बच्चों की सेहत और पढ़ाई दोनों में सुधार संभव है. इतना ही नहीं, बेहतर आवास व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है. साफ है कि बच्चों की सफलता सिर्फ उनकी क्षमता पर नहीं, बल्कि उनके घर के माहौल पर भी निर्भर करती है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.