होली की महारात्रि और चंद्र ग्रहण का दिव्य महासंयोग: हरिद्वार में संतों का संगम

aditisingh
3 Min Read


धर्मनगरी हरिद्वार में इस वर्ष होली की महारात्रि और चंद्र ग्रहण के एक अत्यंत दुर्लभ व आध्यात्मिक संयोग ने आस्था का एक अनुपम अध्याय लिख दिया. इस विशेष अवसर पर निरंजनी और जूना अखाड़े के साधु-संतों ने न केवल मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी लगाई, बल्कि मानवता के कल्याण के लिए सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन भी किया.

गंगा तट पर उमड़ा आस्था का सैलाब
जैसे ही ग्रहण काल की समाप्ति हुई, तीर्थ नगरी के घाट संतों और श्रद्धालुओं के जयकारों से गूंज उठे. निरंजनी अखाड़े और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर, संन्यासी और ब्रह्मचारी पारंपरिक विधि-विधान के साथ गंगा घाट पर एकत्रित हुए. शीतल जल में पुण्य स्नान कर संतों ने शुद्धि की और इसके बाद आरंभ हुआ साधना का वह दौर, जिसने पूरे वातावरण को दिव्यता से भर दिया.

‘एक माला जाप, करोड़ों का फल’
मीडिया से चर्चा के दौरान आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने इस संयोग के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा:

“शास्त्रों में ग्रहण काल को साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है. होली और चंद्र ग्रहण का एक साथ होना साधकों के लिए स्वर्ण अवसर की तरह है. मान्यता है कि इस काल में किया गया एक माला का जप सामान्य दिनों के एक करोड़ माला जप के समान पुण्य फल प्रदान करता है.”

साधना और संकल्प का संगम
स्नान के पश्चात गंगा तट पर एक भव्य दृश्य देखने को मिला. लगभग एक घंटे तक संतों, संस्कृत विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर मंत्रोच्चार और सामूहिक जप किया. इस अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य था:

  • विश्व शांति की स्थापना.
  • मानव कल्याण और सनातन धर्म की उन्नति.
  • उत्तराखंड राज्य की प्रगति और खुशहाली.

कड़े नियमों के बीच आध्यात्मिक अनुशासन
इस दिव्य संयोग के प्रति संतों की अटूट निष्ठा का प्रमाण उनके अनुशासन में दिखा. ग्रहण के शास्त्रीय नियमों का पालन करते हुए, सभी संतों और श्रद्धालुओं ने प्रातः काल से ही अन्न का त्याग कर रखा था. गंगा स्नान और सामूहिक पूजन संपन्न करने के बाद ही सभी ने प्रसाद ग्रहण कर अपना व्रत पूर्ण किया.

भक्ति, श्रद्धा और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने हरिद्वार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की भव्यता को एक बार फिर विश्व के सामने रखा.

यह भी पढ़ें- Aaj Ka Panchang: 4 मार्च 2026 का पंचांग, चैत्र प्रतिपदा और रंगों वाली होली पर ग्रहों का महासंयोग

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



Source link

Share This Article
Follow:
Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.