ईरान-इजरायल के बीच तनाव का असर, ताश की पत्तों की तरह ढह गए ये शेयर; आखिर क्या है कनेक्शन?

aditisingh
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Share Market News: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बुधवार, 4 मार्च को कमजोर रही. इस दौरान दोनों बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई. एक तरफ सेंसेक्स 1122  अंकों से अधिक लुढ़ककर 78590 के करीब बंद हुआ. वहीं, दूसरी तरफ निफ्टी भी 385 अंकों की गिरावट के साथ 24480 के लेवल पर बंद हुआ.

शुरुआती कारोबार में उन शेयरों को खासतौर पर अधिक नुकसान पहुंचा, जिनका पश्चिम एशियाई देशों से गहरा कनेक्शन है. इनमें पेट्रोनेट L&G और L&T जैसी कंपनियां शामिल हैं. इनमें से एक कंपनी गैस का काफी बड़ा आयातक है और दूसरी एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है, जो खाड़ी देशों में कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है. इनके अलावा, महानगर गैस (8.50 परसेंट नीचे), इंद्रप्रस्थ गैस (5 परसेंट नीचे) और गुजरात गैस (4 परसेंट नीचे) के शेयरों को भी नुकसान पहुंचा. 

गैस कंपनियों के शेयर लुढ़के

पेट्रोनेट LNG भारत में गैस का एक बड़ा इंपोर्टर है. कल शुरुआती कारोबार में इसके शेयर लगभग 12 परसेंट तक गिर गए. बाद में थोड़ा संभलने का मौका जरूर मिला, लेकिन फिर दोपहर करीब 12:30 बजे शेयर 29.35 रुपये या 9.51 परसेंट की गिरावट के साथ पेट्रोनेट के शेयर 279.30 रुपये पर कारोबार करते नजर आए.

कंपनी के शेयरों में यह गिरावट उन खबरों के बीच आई, जिनमें दावा किया गया कि कतर ने अपनी फेसिलिटी पर ईरान के ड्रोन हमले के बाद नैचुरल गैस का प्रोडक्शन बंद कर दिया है.  कतर भारत में इंपोर्ट होने वाली नैचुरल गैस का सबसे बड़ा सप्लायर है. उत्पादन रुकने से भारत में गैस की कमी हो सकती है और कीमतों में उछाल की आशंका है. 

इसी तरह से दोपहर के 12:30 बजे MGL के शेयर 104.30 रुपये या 8.64 परसेंट की गिरावट के साथ 1103 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. महानगर गैस बड़े शहरों में गैस का डिस्ट्रीब्यूटर है और यह लिक्विफाइड नेचुरल गैस भी इंपोर्ट करता है और वेस्ट एशिया इसका एक बड़ा सप्लायर है. यह महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलावा मुंबई, ठाणे जिले के शहरी इलाकों और आस-पास की नगर पालिकाओं को सप्लाई करता है, जिसमें रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल कंज्यूमर्स पर फोकस किया जाता है. 

L&T के शेयरों ने लगाए गोते

मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष का असर उन शेयरों पर भी पड़ा है, जिनका पश्चिमी एशियाई देशों से गहरा कनेक्शन है. इनमें से एक L&T (Larsen & Toubro) भी है. L&T के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 55 परसेंट तक) अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स से आता है. इनमें से कई खाड़ी देशों में चल रहे हैं. ऐसे में ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (L&T) के निवेशकों को चिंता में डाल दिया. यही वजह है कि कल कंपनी के शेयरों में 7 परसेंट से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई.    

L&T के शेयर निफ्टी 50 में शामिल उन कंपनियों में से है, जिन्हें कल सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा. दोपहर 12:30 बजे के करीब स्टॉक 252.60 रुपये या 6.21 परसेंट की गिरावट के साथ 3,814.10 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसके 52-वीक का हाई और 52-वीक का लो क्रमशः 4440.00 रुपये और 2965.30 रुपये है. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.