How is sperm formed in the body? 90% लोग नहीं जानते

aditisingh
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How Is Sperm Produced In The Male Body: कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि आखिर पुरुषों में स्पर्म कैसे बनता है और ये कितने दिनों तक रहता है. स्पर्म पुरुषों की प्रजनन सेल्स होती हैं. इनका आकार माइक्रोस्कोपिक होता है और यह टैडपोल यानी मेंढक के बच्चे जैसा दिखाई देता है. हर स्पर्म के तीन मुख्य हिस्से होते हैं हेड, मिडपीस और टेल. हेड में डीएनए मौजूद होता है, मिडपीस एनर्जी प्रदान करता है और लंबी टेल स्पर्म को आगे बढ़ने में मदद करती है. जब एक स्पर्म महिला के एग से मिल जाता है, तभी गर्भधारण की प्रक्रिया शुरू होती है.

कब बनता है स्पर्म

हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली बेवसाइट clevelandclinic के अनुसार,  पुरुषों के शरीर में स्पर्म का निर्माण आमतौर पर प्यूबर्टी यानी किशोरावस्था के समय शुरू होता है, जो लगभग 10 से 12 साल की उम्र के आसपास होता है. इसके बाद पुरुष जीवनभर स्पर्म बनाते रहते हैं, इजेकुलेशन के समय शरीर से करोड़ों स्पर्म बाहर निकलते हैं, लेकिन गर्भधारण के लिए सिर्फ एक स्वस्थ स्पर्म ही पर्याप्त होता है.

स्पर्म का निर्माण टेस्टिकल्स में मौजूद बेहद पतली नलिकाओं में होता है, जिन्हें सेमिनिफेरस ट्यूब्स कहा जाता है. यहां बनने के बाद स्पर्म एपिडिडिमिस नामक नली में पहुंचते हैं, जहां वे परिपक्व होते हैं. इसके बाद वे वास डिफरेंस के जरिए आगे बढ़ते हुए प्रोस्टेट ग्लैंड से गुजरते हैं और अंत में यूरेथ्रा के रास्ते शरीर से बाहर निकलते हैं.

कब तक ये शरीर में रहते हैं

clevelandclinic के अनुसार, अगर इजेकुलेशन नहीं होता, तो भी स्पर्म शरीर में जमा नहीं रहते. लगभग ढाई महीने तक टेस्टिकल्स में रहने के बाद ये नष्ट हो जाते हैं और शरीर उन्हें खुद ही अब्जॉर्ब  कर लेता है. वहीं महिला के शरीर में पहुंचने के बाद स्पर्म करीब पांच दिन तक जीवित रह सकते हैं. इसी वजह से असुरक्षित संबंध के बाद कुछ दिनों तक गर्भधारण की संभावना बनी रहती है.

शरीर से बाहर निकलने के बाद कब तक रहते हैं जीवित

शरीर के बाहर स्पर्म ज्यादा देर तक जीवित नहीं रह पाते. सामान्य कमरे के तापमान में वे लगभग एक घंटे तक ही जीवित रहते हैं, जबकि तापमान में बदलाव या सूखने पर वे जल्दी नष्ट हो जाते हैं. हालांकि अगर स्पर्म को मेडिकल तरीके से फ्रीज करके सुरक्षित रखा जाए, तो वे कई वर्षों तक जीवित रह सकते हैं. स्पर्म की क्वालिटी और संख्या भी गर्भधारण में अहम भूमिका निभाती है. सामान्य तौर पर एक मिलीलीटर वीर्य में 15 मिलियन से लेकर 200 मिलियन तक स्पर्म हो सकते हैं. अगर यह संख्या 15 मिलियन से कम हो जाए, तो इसे लो स्पर्म काउंट कहा जाता है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.