ब्रिटेन का बड़ा फैसला, अब इन देशों के स्टूडेंट्स के लिए स्टडी वीजा बंद; देखें लिस्ट

aditisingh
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ब्रिटेन की सरकार ने प्रवास और शरण लेने वाले लोगों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने घोषणा की है कि अब अफगानिस्तान, कैमरून, म्यांमार और सूडान के नागरिकों को स्टडी वीजा नहीं दिया जाएगा. इसके साथ ही अफगानिस्तान के लोगों के लिए वर्क वीजा भी रोका जाएगा. यह कदम उन मामलों को देखते हुए उठाया गया है, जहां पढ़ाई के नाम पर आने वाले कुछ लोग बाद में शरण मांगने लगे थे.

ब्रिटेन का गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि सरकार का कहना है कि पिछले कुछ सालों में इन देशों से आने वाले छात्रों की ओर से शरण के लिए आवेदन तेजी से बढ़े हैं. इसी वजह से वीजा नियमों को सख्त करने का फैसला लिया गया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार साल 2021 से अब तक करीब 1 लाख 35 हजार लोग कानूनी रास्तों से ब्रिटेन पहुंचे और बाद में उन्होंने शरण की मांग की. इनमें कई ऐसे लोग भी थे जो स्टडी वीजा पर देश में आए थे.

इतने फीसदी तक बढ़े आवेदन
 
अफगानिस्तान, कैमरून, म्यांमार और सूडान से आने वाले छात्रों की ओर से शरण मांगने के मामलों में बहुत तेजी से बढ़ोतरी हुई है. साल 2021 से 2025 के बीच इन देशों के छात्रों द्वारा किए गए शरण आवेदन 470 प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़ गए. सरकार का मानना है कि कुछ लोग पढ़ाई के नाम पर वीजा लेकर आते हैं और बाद में शरण मांगने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं. इससे वीजा व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है.

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गृह मंत्री ने क्या कहा?

ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने इस फैसले पर बयान देते हुए कहा कि ब्रिटेन हमेशा युद्ध और अत्याचार से भागकर आने वाले लोगों को मदद देता रहा है. लेकिन वीजा व्यवस्था का गलत इस्तेमाल नहीं होने दिया जा सकता. उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारी व्यवस्था का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. इसलिए सरकार को सख्त कदम उठाना पड़ा है. उनका कहना था कि यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन वीजा सिस्टम को सही रखने के लिए जरूरी है. गृह मंत्री ने साफ कहा कि असली जरूरतमंद लोगों को सुरक्षा देना ब्रिटेन की जिम्मेदारी है, लेकिन नियमों का पालन भी उतना ही जरूरी है.

पढ़ाई के नाम पर बढ़े शरण आवेदन

सरकार के अनुसार पिछले कुछ सालों में स्टडी वीजा पर आने वाले लोगों में से कई ने बाद में शरण के लिए आवेदन किया. इससे यह चिंता बढ़ी कि पढ़ाई का रास्ता कुछ लोग दूसरे मकसद के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. सरकारी रिपोर्ट में बताया गया है कि स्टडी वीजा पर आने वाले लोगों की ओर से किए गए शरण आवेदन अभी भी कुल मामलों का लगभग 13 प्रतिशत हिस्सा हैं. यही कारण है कि सरकार अब इस रास्ते पर और कड़ी निगरानी करना चाहती है. हालांकि सरकार का यह भी कहना है कि साल 2025 के दौरान छात्र शरण आवेदन में लगभग 20 प्रतिशत की कमी आई है. फिर भी अधिकारियों का मानना है कि और कदम उठाने की जरूरत है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.