Middle East Tensions: यूएस-ईरान वॉर के भारत के ऊपर हो रहे ये 5 बड़े साइड इफैक्ट्स, अब आगे क्या होगा?

aditisingh
3 Min Read


Middle East Tensions: पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ गई है. Iran और United States के बीच बढ़ते हमलों ने ऊर्जा बाजार, शेयर बाजार और करेंसी मार्केट पर दबाव डाल दिया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इस तनाव का India की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है. आइए जानते हैं भारत पर पड़ने वाले 5 बड़े प्रभाव-

1. ऊर्जा कीमतों में उछाल की आशंका रेटिंग एजेंसी Moody’s ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान युद्ध लंबा खिंचता है तो ऊर्जा बाजार में बड़ा झटका लग सकता है. इससे Crude Oil और Liquefied Natural Gas की कीमतों में भारी उछाल आने की संभावना है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.

2. महंगाई और रुपये पर दबाव अगर तेल और एलएनजी महंगे होते हैं तो भारत में महंगाई बढ़ना तय माना जा रहा है. इससे Indian Rupee कमजोर हो सकता है. इसके अलावा खाड़ी देशों से होने वाले ऊर्जा आयात में बाधा आने से ईंधन, गैस और ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ सकती है, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ेगा.

3. चालू खाते और राजकोषीय संतुलन पर असर Moody’s के अनुसार अगर रुपया कमजोर होता है और ऊर्जा आयात महंगा हो जाता है तो भारत का चालू खाता घाटा बढ़ सकता है. इससे सरकार के लिए राजकोषीय संतुलन बनाए रखना और भी मुश्किल हो जाएगा. साथ ही आर्थिक वृद्धि पर भी दबाव पड़ सकता है.

4. शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव पश्चिम एशिया संकट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिख रहा है. शुक्रवार को BSE Sensex 1,097 अंक गिरकर 78,918.90 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 315 अंक टूटकर बंद हुआ. विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ गया है.

5. डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी पूंजी की निकासी के कारण Indian Rupee भी दबाव में है. शुक्रवार को रुपया United States Dollar के मुकाबले छह पैसे गिरकर 91.70 (अस्थायी) पर बंद हुआ. हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिन तक रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी है, जिससे रुपये की गिरावट पर कुछ हद तक रोक लगी है. यानी पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अगर लंबा चलता है तो इसका असर सिर्फ तेल बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महंगाई, शेयर बाजार, रुपया और भारत की आर्थिक स्थिरता तक दिखाई दे सकता है.

ये भी पढ़ें: ईरान वॉर से उछले क्रूड ऑयल के दाम के बीच गिरकर बंद सेंसेक्स-निफ्टी, एक साल में सबसे खराब परफॉर्मेंस



Source link

Share This Article
Follow:
Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.