Microplastics And Cancer: युवाओं में अचानक क्यों बढ़ रहे कोलन कैंसर के मामले? इस स्टडी में सामने आए खतरनाक कारण

aditisingh
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Can Microplastics Cause Colon Cancer: कैंसर के मामले दुनियाभर में बढ़ रहे हैं, अब इसको लेकर एक नई स्टडी ने कैंसर के बढ़ते मामलों, खासकर कोलन कैंसर को लेकर एक नई चिंता सामने रखी है. दुनियाभर में मार्डन मेडिकल और तकनीक के कारण कई प्रकार के कैंसर के मामलों में गिरावट देखी जा रही है, लेकिन कोलोरेक्टल यानी आंत से जुड़ा कैंसर युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है. कई बार यह बीमारी उन लोगों में भी पाई जा रही है जो बाहर से पूरी तरह स्वस्थ दिखाई देते हैं.

क्या होते हैं इसके लक्षण?

कोलन कैंसर के सामान्य लक्षणों में पेट दर्द, मल में खून आना और लंबे समय तक पेट से जुड़ी परेशानी शामिल हो सकती है. कई लोग इन संकेतों को साधारण पेट की समस्या या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार ऐसे लक्षण दिखने पर जांच कराना बेहद जरूरी है. अब एक नई रिसर्च में यह संभावना जताई गई है कि शरीर में बढ़ती माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा भी इस बीमारी के पीछे एक कारण हो सकती है.

इक्रोप्लास्टिक का शरीर पर असर

यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न कैलिफोर्निया के रिसर्चर की तरफ से किए गए एक बड़े साइंटिफिक एनालिसिस में पाया गया कि माइक्रोप्लास्टिक हमारे शरीर पर गंभीर असर डाल सकते हैं. रिसर्चर का कहना है कि ये सूक्ष्म प्लास्टिक कण कोलन कैंसर, फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों और यहां तक कि प्रजनन क्षमता पर भी निगेटिव प्रभाव डाल सकते हैं. प्रोफेसर ट्रेसी जे. वुडरफ के अनुसार माइक्रोप्लास्टिक आज एनवायरमेंट में हर जगह मौजूद हैं. ये हवा, पानी, समुद्र तट, मिट्टी और भोजन तक में पाए जा चुके हैं. यहां तक कि अंटार्कटिका और गहरे समुद्री इलाकों जैसे दूरस्थ स्थानों में भी इनके कण मिले हैं. इनके बेहद छोटे आकार के कारण ये आसानी से शरीर के अंदर पहुंच सकते हैं और विभिन्न अंगों में जमा हो सकते हैं. कुछ स्टडी में माइक्रोप्लास्टिक के कण मानव प्लेसेंटा, ब्रेस्ट मिल्क और लिवर में भी पाए गए हैं.

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क्या कहना है एक्सपर्ट का?

एक्सपर्ट का मानना है कि माइक्रोप्लास्टिक शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं और आंतों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं. यही कारण है कि साइंटिस्ट अब यह जांच कर रहे हैं कि क्या इनका संबंध कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से हो सकता है. हालांकि फिलहाल यह पूरी तरह साबित नहीं हुआ है कि माइक्रोप्लास्टिक सीधे तौर पर कैंसर का कारण बनते हैं, लेकिन कई स्टडी यह संकेत देते हैं कि ये शरीर में बैक्टीरिया और रसायनों जैसे हानिकारक तत्व पहुंचा सकते हैं, जो कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं.

ये भी हैं कारण

डॉक्टरों के अनुसार कोलेन के कैंसर के जोखिम को कई अन्य कारण भी प्रभावित करते हैं. इनमें बढ़ती उम्र, रेड और प्रोसेस्ड मीट का ज्यादा सेवन, फाइबर की कमी, सूजन से जुड़ी आंतों की बीमारियां, मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी और परिवार में कैंसर का पुराना केस भी शामिल हैं.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.