जन शताब्दी एक्सप्रेस में हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़ दी है. घटना में एक महिला यात्री ने अपने लैंगिक विशेषाधिकार का दुरुपयोग करने की कोशिश की, जब ट्रेन में टीटीई ने उससे उसका वैध टिकट दिखाने को कहा. यह पूरा मामला न सिर्फ ट्रेन के नियमों की अवहेलना बल्कि अन्य यात्रियों के लिए असुविधा का कारण भी बना.
क्या हुआ उस दिन?
टीटीई ने महिला यात्री से कहा कि वह अपना वैध टिकट दिखाए. इस पर महिला ने खुले तौर पर स्वीकार किया कि उसके पास टिकट नहीं है. सीट खाली करने से भी उसने इनकार कर दिया. जब टीटीई ने जुर्माना भरने और टिकट खरीदने के लिए कहा, तो महिला ने बहस शुरू कर दी. महिला ने तीन यात्रियों के लिए निर्धारित 1400 रुपये के जुर्माने की जगह सिर्फ 300 रुपये की पेशकश करके मोलभाव करने की कोशिश की, बार-बार समझाने के बावजूद उसने सहयोग करने से इंकार किया और अगले स्टेशन पर उतरने से भी मना कर दिया.
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टीटीई पर लगाया आरोप
जब टीटीई ने नियमों के अनुसार सख्ती दिखाई और अपना कर्तव्य निभाया, तभी महिला ने अचानक उस पर अनुचित छूने का आरोप लगा दिया और FIR दर्ज कराने की धमकी दी. इस कारण ट्रेन में अनावश्यक अराजकता फैल गई. ऐसा व्यवहार न सिर्फ अनुचित है, बल्कि नियमों का पालन करने वाले यात्रियों का भी अपमान है. सोशल मीडिया पर इस घटना के बारे में काफी चर्चा हो रही है और कई लोग टीटीई की तारीफ कर रहे हैं, जिन्होंने अपने पेशेवर कर्तव्य को पूरे साहस और धैर्य के साथ निभाया.
A woman passenger tried to misuse her gender privilege on board the Jan Shatabdi Express when the TTE asked her to show a valid ticket.
She openly admitted that she had no ticket and refused to vacate the seat. When asked to pay the penalty and buy a ticket, she argued and tried… pic.twitter.com/2j0cwY6Cg7— The Nalanda Index (@Nalanda_index) March 4, 2026
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो नहीं मिला है, हालांकि इसके फोटोज वायरल हो रहे हैं. इसलिए कुछ लोग इसकी सच्चाई पर सवाल उठा रहे हैं. कई यूजर्स ने लिखा कि जो कुछ दिख रहा है वही सच हो सकता है, लेकिन हम निश्चित तौर पर कुछ नहीं कह सकते, कुछ अन्य यूजर्स ने इस पर व्यंग्य किया और कहा कि समानता तब तक ठीक है जब तक हमें अपने विशेषाधिकार मिलते रहें.
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