Hajj 2026: हज यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू! जानें बुकिंग प्रक्रिया, नियम और ज़रूरी बातें?

aditisingh
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Hajj 2026: दुनियाभर के मुसलमानों के लिए मक्का का आध्यात्मिक महत्व काफी ज्यादा है. पैगंबर मुहम्मद की जन्मभूमि और इस्लाम के सबसे महत्वपूर्ण स्थल काबा का स्थान होने की वजह से यह जगह इस्लामी आस्था का केंद्र भी है. हर वर्ष तीर्थयात्री हज और उमराह के लिए यात्रा करते हैं. अब सऊदी अरब में इनके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं. 

हज और उमराह मंत्रालय ने ऐलान की है कि वैध निवास परमिट वाले सऊदी नागरिक और प्रवासी अब तीर्थयात्रा सेवाओं के लिए किंगडम के आधिकारिक डिजिटल पोर्टल नुसुक प्लेटफॉर्म के जरिए से हज पैकज का चयन और बुकिंग शुरू कर सकते हैं. 

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नुसुक प्लेटफॉर्म के जरिए बुकिंग

जिन घरेलू तीर्थयात्रियों ने पहले से अपना विवरण पंजीकृत कराया है, वे अब नुसुक मोबाइल एप्लिकेशन या आधिकारिक बेवसाइट के जरिए उपलब्ध पैकेजों की समीक्षा कर सकते हैं और आसानी से अपनी बुकिंग करा सकते हैं. मंत्रायल के मुताबिक, सभी प्रक्रियाएं इलेक्ट्रॉनिक रूप से संचालित की जा रही है. 

अब आवेदक बड़ी ही आसानी से अलग-अलग पैकेज के विक्लपों को देख सकते हैं और अपनी पसंदीदा पैकेज को चुन सकते हैं और बुकिंग बिल भी जेनरेट कर सकते हैं. 
इसके बाद वे सऊदी अरब की SADAD इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली के जरिए से पेमेंट कर सकते हैं. 

बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए हज और उमराह मंत्रालय ने भुगतान के सख्त नियमों को लागू किए हैं. तीर्थयात्रियों को बुकिंग इनवॉइस जारी होने के 72 घंटे के अंदर भुगतान करना होगा. यह नियम 14 मई यानी धुल कदा 27 तक लागू रहेंगे. 

इस्लाम में हज का महत्व?

इस्लाम धर्म के 5 स्तंभों में से एक हज भी है और इसे सभी सक्षम मुसलमानों के लिए जीवन में एक बार किया जाने वाला जरूरी कर्तव्य बताया गया है. सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में हर साल आयोजित होने वाले हज एक गहन आध्यात्मिक यात्रा है, जिसमें दुनियाभर के लाखों मुसलमान तीर्थयात्री शामिल होते हैं. 

इस तीर्थयात्रा में 5 दिनों तक चलने वाले कई पवित्र अनुष्ठान शामिल हैं, जिनमें तवाफ (काबा की परिक्रमा), सई (सफा और मरवा पहाड़ियों के बीच चलना) और अराफात पर्वत पर प्रार्थना करना शामिल हैं. 

शारीरिक रूप से तीर्थयात्रा काफी कठिन होती है, जिसमें तीर्थयात्री रोजाना 25 किलोमीटर तक पैदल चलते हैं. इस वजह से 65 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए खास नियम लागू होते हैं. उनके साथ एक स्वस्थ्य साथी होना बेहद जरूरी है, जिसकी उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.