यूपीएससी क्लियर करने वाले कैंडिडेट्स का कैसे तय होता है कैडर, क्या है इसका प्रोसेस?

aditisingh
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सिविल सेवा परीक्षा पास करना किसी भी उम्मीदवार के लिए  बहुत बड़ी उपलब्धि होती है. लेकिन इसके बाद एक अहम प्रक्रिया शुरू होती है जिसे केडर एलोकेशन कहा जाता है. इसी के जरिए तय होता है कि चुने गए अधिकारी को किस राज्य या संयुक्त कैडर में अपनी सेवा देनी होगी और उनके करियर का बड़ा हिस्सा किस राज्य में बीतेगा.

सिविल सेवा परीक्षा पास करना किसी भी उम्मीदवार के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होती है. लेकिन इसके बाद एक अहम प्रक्रिया शुरू होती है जिसे केडर एलोकेशन कहा जाता है. इसी के जरिए तय होता है कि चुने गए अधिकारी को किस राज्य या संयुक्त कैडर में अपनी सेवा देनी होगी और उनके करियर का बड़ा हिस्सा किस राज्य में बीतेगा.

आमतौर पर कैडर तय करते समय तीन मुख्य बातों को ध्यान में रखा जाता है. जिसमें पहली उम्मीदवार की यूपीएससी रैंक, दूसरी उम्मीदवार की ओर से दी गई राज्यों की पसंद और तीसरी अलग-अलग राज्यों में उपलब्ध वैकेंसी होती है. इन सभी के आधार पर केंद्र सरकार अधिकारी को किसी राज्य या संयुक्त कैडर में नियुक्त करती है.

आमतौर पर कैडर तय करते समय तीन मुख्य बातों को ध्यान में रखा जाता है. जिसमें पहली उम्मीदवार की यूपीएससी रैंक, दूसरी उम्मीदवार की ओर से दी गई राज्यों की पसंद और तीसरी अलग-अलग राज्यों में उपलब्ध वैकेंसी होती है. इन सभी के आधार पर केंद्र सरकार अधिकारी को किसी राज्य या संयुक्त कैडर में नियुक्त करती है.

Published at : 07 Mar 2026 02:55 PM (IST)

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.