ईरान-इजरायल युद्ध के बीच अगले सप्ताह बाजार की दिशा तय करेंगे ये फैक्टर, निवेशकों की नजर इन अहम संकेतों पर…

aditisingh
4 Min Read


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Stock Market Outlook: ईरान-इजरायल युद्ध से पैदा हुई अनिश्चितता का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है. प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 में पूरी सप्ताह हलचल का दौर जारी रहा. अब निवेशकों की नजर कल यानी 9 मार्च से शुरू हो रहे सप्ताह पर होगी.

इस सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर इसके प्रभाव से तय होगी. विश्लेषकों ने कहा कि इसके अलावा, वैश्विक बाजार के रुझान और विदेशी निवेशकों के रुख से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित होगी. आइए जानते हैं, इस बारे में….

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के शोध उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा, ”इस सप्ताह वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण बाहरी कारक बने रहेंगे. इसके साथ ही, कुछ प्रमुख व्यापक आर्थिक आंकड़े भी जारी होंगे, जो निकट भविष्य की धारणा को आकार दे सकते हैं. 

घरेलू मोर्चे पर निवेशक 12 मार्च को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखेंगे.” वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 8.52 प्रतिशत उछलकर 92.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. 

बाजार अस्थिर रहने की संभावना

ऑनलाइन कारोबार और संपत्ति फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि आने वाला सप्ताह अस्थिर रहने की संभावना है, क्योंकि बाजार की धारणा काफी हद तक पश्चिम एशिया में लगातार जारी भू-राजनीतिक तनाव से प्रभावित होगी.

उन्होंने कहा कि निवेशक वैश्विक घटनाक्रमों, विशेष रूप से कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखेंगे. क्योंकि ऊर्जा बाजार जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. 

एफपीआई की वापसी मुश्किल

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर अनिश्चितता, बाजार में लगातार गिरावट, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के प्रति भारतीय अर्थव्यवस्था की संवेदनशीलता और रुपये की तेज गिरावट ने एफआईआई की बिकवाली को बढ़ाया.  

विजयकुमार ने कहा कि जब तक संघर्ष के परिणाम पर कुछ स्पष्टता नहीं आती और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट नहीं होती, तब तक एफपीआई के खरीदार के रूप में बाजार में लौटने की संभावना कम है. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

यह भी पढ़ें: FD Rates Update: इन बैंकों ने बदली फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरें, सीनियर सिटीजन को 8% से ज्यादा रिटर्न…



Source link

Share This Article
Follow:
Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.