हाल के दिनों में कारों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. खासकर गर्मियों में ये समस्या और भी बढ़ जाती है. गर्मी का मौसम, आफ्टर-मार्केट एक्सेसरीज, पुरानी वायरिंग और खराब मेंटेनेंस के कारण हर साल हजारों वाहन आग की चपेट में आ जाते हैं. इंजन ओवरहीटिंग, फ्यूल लीकेज या शॉर्ट सर्किट जैसी छोटी-छोटी गलतियां कुछ ही मिनटों में लाखों की गाड़ी को खाक कर सकती हैं.
जान-माल का नुकसान तो होता ही है, साथ में ट्रैफिक जाम और इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित होती हैं. खासकर गर्मियों में डैशबोर्ड पर छोड़े गए सैनिटाइजर, परफ्यूम या पावर बैंक ‘बम’ बन सकते हैं. ऐसे में हर कार मालिक को सतर्क रहना चाहिए. इस लेख में हम 5 जरूरी टिप्स बता रहे हैं जो न सिर्फ आपकी कार को बचाएंगे बल्कि आपको सेफ भी रखेंगे.
1. रेगुलर सर्विसिंग कराएं
हमेशा मारुति, टाटा, हुंडई या किसी भी ब्रांड के अधिकृत सर्विस स्टेशन पर ही कार की जांच कराएं. वे ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स और सर्टिफाइड टूल्स इस्तेमाल करते हैं, जिससे वायरिंग, इंजन और फ्यूल सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं. घरेलू मैकेनिक या लोकल गैराज से बचें, क्योंकि सस्ते पार्ट्स बाद में बड़ी समस्या खड़ी कर सकते हैं. हर 6 महीने में इलेक्ट्रिकल चेकअप जरूर कराएं. इससे छोटी खराबी पकड़ में आ जाती है और आग का खतरा 80% तक कम हो जाता है.
2. देसी जुगाड़ और आफ्टर-मार्केट फिटिंग से बचें
एक्स्ट्रा लाइट्स, म्यूजिक सिस्टम या कोई भी एक्सेसरी लगवाते समय कार की ओरिजिनल वायरिंग में छेड़छाड़ न करें. अगर जरूरी हो तो फ्यूज का इस्तेमाल करें और बैटरी की क्षमता चेक कराएं. सस्ती CNG किट या चार्जर से भी बचें. घटिया क्वालिटी की चीजें शॉर्ट सर्किट का कारण बनती हैं. हमेशा OEM-अप्रूव्ड पार्ट्स ही चुनें. इससे इलेक्ट्रिकल ओवरलोडिंग रुकती है और कार लंबे समय तक सुरक्षित रहती है.
3. किसी भी दाग, गंध या वार्निंग को नजरअंदाज न करें
अगर कार के नीचे तेल के दाग दिखें, पेट्रोल-डीजल की गंध आए या डैशबोर्ड पर चेक इंजन/टेम्परेचर लाइट जल रही हो तो तुरंत मैकेनिक के पास ले जाएं. इंजन ठंडा होने के बाद ही बोनट खोलें. गर्मी में डैशबोर्ड पर कुछ भी न छोड़ें. लाइटर, परफ्यूम या पावर बैंक निकालकर रखें. ये छोटी सावधानियां बड़ी दुर्घटना रोक सकती हैं.
4. कार में हमेशा फायर एक्सटिंग्विशर रखें
ड्राइवर सीट के पास या आसानी से पहुंच वाली जगह पर ABC रेटेड छोटा फायर एक्सटिंग्विशर रखें. शुरुआती 30 सेकंड में इसका इस्तेमाल करने से छोटी आग बुझ जाती है. हर साल इसे चेक कराएं कि प्रेशर सही है या नहीं. कई मॉडर्न कारों में ये स्टैंडर्ड आता है, लेकिन अगर नहीं है तो तुरंत खरीद लें. ये आपकी जान और गाड़ी दोनों बचा सकता है.
5. डैशबोर्ड वार्निंग लाइट्स और टूल्स पर नजर रखें
टेम्परेचर गेज, चेक इंजन या बैटरी लाइट को कभी इग्नोर न करें. साथ ही कार में सीटबेल्ट कटर और विंडो ब्रेकर टूल जरूर रखें, क्योंकि आग में इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल होकर डोर लॉक हो सकते हैं. अगर बोनट के नीचे से धुआं निकले तो बिल्कुल न खोलें. इससे आग और भड़क सकती है. कम से कम 100 फीट दूर हट जाएं और फायर ब्रिगेड को कॉल करें.
बोनस टिप
- कभी भी कार में स्मोकिंग न करें.
- ईंधन भरते समय इंजन बंद रखें.
- EV में सर्टिफाइड चार्जर ही इस्तेमाल करें.
- समय-समय पर बैटरी हेल्थ चेक करते रहें.
इन सावधानियों को अपनाकर आप न सिर्फ अपनी कार बल्कि अपने परिवार को भी सुरक्षित रख सकते हैं. नियमित चेकअप और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है. आज ही अपनी कार का इंस्पेक्शन कराएं और इन टिप्स को फॉलो करें. सुरक्षित ड्राइविंग करना बहुत जरूरी है. गाड़ी चलाते समय खुद भी सीटबेल्ट पहनें और अपने साथ बैठे लोगों को भी सीट बेल्ट लगाने को कहें.