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Audi ने भारत में अपनी कारों की कीमतों में 2% तक बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी. बढ़ती इनपुट लागतों और मुद्रा उतार-चढ़ाव के कारण यह कदम उठाया गया है. आइए जानते हैं कि संभावित रूप से कितने रुपये की बढ़ोतरी होने वाली है.

Audi 1 अप्रैल से अपनी गाड़ियां महंगी कर देगी.
जर्मन लग्जरी कार निर्माता Audi ने भारत में अपनी सभी कारों की कीमतों में 2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है. ये प्राइस अपडेट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. कंपनी ने स्पष्ट किया कि ये कदम बढ़ती इनपुट लागतों और मुद्रा उतार-चढ़ाव के प्रभाव को आंशिक रूप से ऑफसेट करने के लिए उठाया जा रहा है. बढ़ोतरी एक्स-शोरूम कीमतों पर लागू होगी और पूरी मॉडल रेंज को कवर करेगी.
ऑडी इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर बलवीर सिंह ढिल्लों ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि हालिया बढ़ती इनपुट लागतों और मुद्रा उतार-चढ़ाव के कारण हम 1 अप्रैल 2026 से दो प्रतिशत तक की मूल्य समायोजन लागू कर रहे हैं. हम अपने ग्राहकों पर इस प्राइस हाइक का प्रभाव कम से कम रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
कितनी महंगी होंगी Audi की गाड़ियां?
वर्तमान कीमतों के आधार पर ये बढ़ोतरी विभिन्न मॉडलों पर अलग-अलग प्रभाव डालेगी. ऑडी का सबसे किफायती मॉडल क्यू3 (Q3) की कीमत में लगभग 86,000 रुपये की वृद्धि हो सकती है, जो वर्तमान में 43.23 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है.
वहीं ब्रांड की सबसे महंगी ऑफरिंग आरएस क्यू8 (RS Q8) की कीमत में करीब 4.64 लाख रुपये तक का इजाफा हो सकता है. ये मॉडल 2.32 करोड़ रुपये से शुरू होता है. इस प्रकार बढ़ोतरी का प्रभाव मॉडल की कीमत के अनुसार 86,000 रुपये से 4.64 लाख रुपये तक जा सकता है. हालांकि, ऑफिशियल डिटेल अभी आनी बाकी है.
कंपनी का पोर्टफोलियो
ऑडी इंडिया वर्तमान में भारत में कुल 10 मॉडल बेच रही है. इनमें क्यू3, क्यू3 स्पोर्टबैक, क्यू5, क्यू7, क्यू8, आरएस क्यू8 परफॉर्मेंस, एसक्यू8, ए4, ए5 और ए6 शामिल हैं. इनमें से कुछ मॉडल स्थानीय रूप से असेंबल किए जाते हैं जबकि कई इम्पोर्ट करके बेचे जा रहे हैं. कंपनी ने पिछले साल जनवरी 2025 में भी 3 प्रतिशत तक की कीमत वृद्धि की थी. ये 2026 का पहला प्राइस हाइक है.
क्यों बढ़ी कीमत?
भारत में लग्जरी कार बाजार तेजी से बढ़ रहा है. ऑडी जैसे ब्रांड्स प्रीमियम एसयूवी और सेडान की मांग का फायदा उठा रहे हैं. बढ़ती इनपुट लागतें, जैसे स्टील, बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की महंगाई, साथ ही रुपया-यूरो के उतार-चढ़ाव ने कंपनियों को मजबूर किया है कि वे कीमतें समायोजित करें. कई अन्य लग्जरी कार निर्माता भी इसी तरह के कदम उठा चुके हैं और आने वाले समय में उनकी तरफ से भी प्राइस हाइक की घोषणा की जा सकती है.