Car Alternator खराब होने के संकेत और सही करने का तरीका


आपकी कार का अल्टरनेटर (Alternator) इंजन चलने के दौरान बैटरी को चार्ज रखने और कार के सभी इलेक्ट्रिकल पार्ट्स जैसे हेडलाइट्स, पावर विंडो आदि को बिजली सप्लाई करने का महत्वपूर्ण काम करता है. जब अल्टरनेटर खराब होने लगता है, तो कार अचानक बंद हो सकती है या इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल हो सकता है, जिससे आप सड़क पर फंस सकते हैं.

कई ड्राइवर्स इसे बैटरी की समस्या समझ लेते हैं, लेकिन असल में अल्टरनेटर ही जिम्मेदार होता है. समय पर पहचानकर रिपेयर करवाने से बड़ा खर्च बचाया जा सकता है. अल्टरनेटर आमतौर पर 1 से 1.5 लाख किलोमीटर तक चलता है, लेकिन खराब ड्राइविंग आदतें, गर्मी या खराब बेल्ट इसे जल्दी खराब कर सकते हैं. आइए जानते हैं कि खराब अल्टरनेटर को कैसे पहचाना जा सकता है और उसे सही करने का तरीका क्या है?

अल्टरनेटर क्या है और ये क्यों जरूरी है?

कार का अल्टरनेटर इंजन की घूमने वाली गति को बिजली में बदलता है. इंजन स्टार्ट होने के बाद बैटरी की ऊर्जा खत्म होने लगती है, लेकिन अल्टरनेटर लगातार बैटरी को रिचार्ज करता रहता है. अगर अल्टरनेटर ठीक से काम न करे, तो बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है और कार चलना बंद कर देती है.

भारत जैसे देश में जहां ट्रैफिक ज्यादा है और लंबी ड्राइविंग होती है, अल्टरनेटर की समस्या आम है. गर्मी, धूल और खराब रोड कंडीशन इसे जल्दी प्रभावित करते हैं. अगर आपको नीचे दी गई समस्या होती है, तो ये अल्टरनेटर खराब होने का संकेत है-

डैशबोर्ड पर बैटरी वार्निंग लाइट जलना: ये सबसे आम संकेत है. अगर बैटरी आइकन या ALT/GEN लाइट जल रही है, तो अल्टरनेटर बैटरी को ठीक से चार्ज नहीं कर रहा है. कभी-कभी लाइट फ्लिकर भी करती है. कई लोग इसे सिर्फ बैटरी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये अल्टरनेटर वार्निंग भी हो सकती है.

हेडलाइट्स और अन्य लाइट्स का डिम या बहुत ब्राइट होना: अल्टरनेटर जब कमजोर पड़ता है, तो बिजली सप्लाई अनस्टेबल हो जाती है. हेडलाइट्स कभी बहुत धीमी, कभी बहुत तेज चमकती हैं. इंटीरियर लाइट्स, डैशबोर्ड लाइट्स भी फ्लिकर कर सकती हैं. रात में ड्राइविंग करते समय ये बहुत खतरनाक हो सकता है.

कार स्टार्ट न होना या बार-बार स्टॉल होना: अगर कार बार-बार स्टार्ट नहीं हो रही या इंजन स्टार्ट होने के कुछ मिनट बाद बंद हो जाता है, तो अल्टरनेटर बैटरी को चार्ज नहीं कर पा रहा. जंप स्टार्ट करने के बाद भी अगर कार कुछ देर में बंद हो जाए, तो अल्टरनेटर खराब है.

इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज में समस्या: पावर विंडो धीरे चलना, म्यूजिक सिस्टम अचानक बंद होना, एसी कमजोर पड़ना, सीट हीटर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स का ठीक से काम न करना अल्टरनेटर की समस्या दर्शाता है.

अजीब आवाजें आना: अल्टरनेटर के अंदर बेयरिंग खराब होने पर ग्राइंडिंग, व्हाइनिंग या स्क्रीचिंग जैसी आवाजें आती हैं. इंजन के पास से चीख जैसी या गुर्राने जैसी आवाज सुनाई दे तो तुरंत चेक करवाएं. कभी-कभी बर्निंग रबर जैसी बदबू भी आ सकती है, जो बेल्ट स्लिप करने से होती है.

बैटरी बार-बार डिस्चार्ज होना: नई बैटरी लगवाने के बाद भी अगर वह जल्दी खराब हो रही है, तो समस्या अल्टरनेटर में हो सकती है. अल्टरनेटर बैटरी को चार्ज नहीं कर रहा, इसलिए बैटरी लगातार कमजोर पड़ती रहती है.

इंजन की परफॉर्मेंस में गिरावट: कार एक्सीलरेट करते समय धीमी पड़ना या वाइब्रेशन महसूस होना भी अल्टरनेटर फेलियर का संकेत हो सकता है, क्योंकि स्पार्क प्लग्स को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाती.

घर पर अल्टरनेटर कैसे टेस्ट करें?

इंजन बंद करके बैटरी के टर्मिनल्स पर वोल्टेज चेक करें. अच्छी बैटरी में लगभग 12.6 वोल्ट होना चाहिए.
इंजन स्टार्ट करके फिर से चेक करें. अगर वोल्टेज 13.5 से 14.5 वोल्ट के बीच है, तो अल्टरनेटर ठीक काम कर रहा है. अगर 13 वोल्ट से कम या 15 वोल्ट से ज्यादा है, तो समस्या है.

अल्टरनेटर खराब होने के कारण

  1. खराब या ढीली ड्राइव बेल्ट
  2. इंटरनल पार्ट्स जैसे ब्रश, बेयरिंग या वोल्टेज रेगुलेटर का घिसना
  3. ओवरहीटिंग, पानी या ऑयल का अंदर जाना
  4. वायरिंग की समस्या या फ्यूज उड़ना
  5. ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज लगाना जो अल्टरनेटर पर अतिरिक्त लोड डालता है

अल्टरनेटर की समस्या से कैसे बचें?

नियमित मेंटेनेंस सबसे अच्छा उपाय है. हर 10,000–15,000 किमी पर सर्विसिंग करवाएं. बेल्ट की स्थिति चेक करें, कनेक्शन्स साफ रखें और ज्यादा गर्मी वाले इलाकों में अल्टरनेटर पर धूल-मिट्टी जमा न होने दें. अगर आपकी कार पुरानी है या ज्यादा चलती है, तो चार्जिंग सिस्टम की नियमित जांच जरूरी है.

अल्टरनेटर रिपेयर या रिप्लेसमेंट का खर्च मॉडल के अनुसार 5,000 से 20,000 रुपये तक हो सकता है. लेकिन अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो बैटरी, इलेक्ट्रिकल पार्ट्स और यहां तक कि इंजन को भी नुकसान पहुंच सकता है. अगर आपको ऊपर बताए कोई भी लक्षण नजर आएं, तो तुरंत मैकेनिक या सर्विस सेंटर पर जाएं. इससे न सिर्फ आपका समय बचेगा, बल्कि सड़क पर होने वाले हादसों से भी बचाव होगा.



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