Automobile

कार पर एक लाख, बाइक पर 60000 की छूट… दिल्लीवालों की भर जाएगी झोली, रेखा गुप्ता सरकार लेने जा रही बड़ा फैसला

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On April 13, 2026
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दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण कम करने और साफ-सुथरी परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी 2026-30 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है. परिवहन विभाग के EV सेल की ओर से जारी इस मसौदे पर अब आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं. लोग अगले 30 दिनों के भीतर ईमेल या पोस्ट के जरिए अपने सुझाव भेज सकते हैं, जिसके बाद अंतिम नीति तैयार की जाएगी.

यह नई नीति अधिसूचना के बाद लागू होगी और 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी. इसका मुख्य उद्देश्य राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ाना, प्रदूषण कम करना और पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता घटाना है.

दरअसल, वायु गुणवत्ता से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान करीब 23 फीसदी प्रदूषण वाहनों से होता है. वहीं, दिल्ली में कुल वाहनों का 67 फीसदी हिस्सा दोपहिया वाहनों का है. ऐसे में सरकार ने इस नीति में खास तौर पर टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, कमर्शियल गाड़ियों और छोटे मालवाहक वाहनों को इलेक्ट्रिक करने पर जोर दिया है.

ईवी की ड्राफ्ट पॉलिसी में क्या-कुछ खास?

इस ईवी नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को आकर्षित करने के लिए बड़े स्तर पर सब्सिडी का प्रावधान किया गया है. यह सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाएगी. अगर कोई व्यक्ति 2.25 लाख रुपये तक की कीमत वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक खरीदता है, तो पहले साल उसे अधिकतम 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी. दूसरे साल यह घटकर 20 हजार और तीसरे साल 10 हजार रुपये तक रह जाएगी.

इसी तरह इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा खरीदने पर पहले साल 50 हजार रुपये, दूसरे साल 40 हजार और तीसरे साल 30 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी. वहीं, छोटे मालवाहक इलेक्ट्रिक वाहनों (N1 कैटेगरी) पर पहले साल 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी, जो अगले वर्षों में घटती जाएगी.

पुरानी गाड़ियों पर भी नई नीति

पुरानी गाड़ियों को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को बढ़ावा देने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव भी दिया जाएगा. स्कूटर स्क्रैप करने पर 10 हजार रुपये, ऑटो पर 25 हजार रुपये, कार पर 1 लाख रुपये और मालवाहक वाहन पर 50 हजार रुपये तक का लाभ मिलेगा.

सरकार ने टैक्स में भी बड़ी राहत दी है. सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ रहेगी. 30 लाख रुपये तक की कारों पर 100 फीसदी छूट दी जाएगी, जबकि हाइब्रिड वाहनों पर 50 फीसदी छूट का प्रावधान है. 30 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाली कारों पर कोई छूट नहीं मिलेगी.

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए भी व्यापक योजना बनाई गई है. दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो पूरे शहर में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की जिम्मेदारी संभालेगा. हर EV डीलर के लिए अपने यहां पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य किया जाएगा. साथ ही बैटरी स्वैपिंग और घर-ऑफिस में चार्जिंग की सुविधा को भी बढ़ावा दिया जाएगा.

बैटरी के सुरक्षित निपटान के लिए बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2022 के तहत सख्त व्यवस्था लागू की जाएगी. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत बैटरी कलेक्शन सेंटर स्थापित करेगी और बैटरी ट्रैकिंग सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा.

नई नीति में भविष्य के लिए सख्त लक्ष्य भी तय किए गए हैं. 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ऑटो) के नए रजिस्ट्रेशन की अनुमति होगी. वहीं, 1 अप्रैल 2028 से नए दोपहिया वाहन भी सिर्फ इलेक्ट्रिक ही रजिस्टर किए जा सकेंगे.

सिर्फ दिखेंगी इलेक्ट्रिक बसें?

स्कूल बसों और कंपनियों के लिए भी इलेक्ट्रिफिकेशन के लक्ष्य तय किए गए हैं. स्कूलों को 2030 तक अपनी कम से कम 30 फीसदी बसें इलेक्ट्रिक करनी होंगी. वहीं, ओला-उबर जैसी फ्लीट एग्रीगेटर कंपनियां 2026 से नई पेट्रोल-डीजल गाड़ियां अपने प्लेटफॉर्म पर नहीं जोड़ सकेंगी.

सरकारी विभागों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं. अब नई सरकारी गाड़ियां, बसें और मालवाहक वाहन केवल इलेक्ट्रिक ही खरीदे या लीज पर लिए जाएंगे.

इस नीति के क्रियान्वयन के लिए एक मजबूत संस्थागत ढांचा भी तैयार किया गया है. परिवहन विभाग नोडल एजेंसी होगा, जबकि EV सेल इसकी निगरानी करेगा. इसके अलावा EV फंड बनाया जाएगा, जिसमें राज्य बजट और केंद्र की योजनाओं से पैसा आएगा. एक उच्च स्तरीय समिति भी बनाई जाएगी, जिसकी अध्यक्षता चीफ सेक्रेटरी करेंगे.

EV खरीदने पर आपको क्या फायदा मिलेगा?

1.स्कूटर/बाइक
• पहले साल: ₹30,000 तक सब्सिडी
• दूसरे साल: ₹20,000 तक
• तीसरे साल: ₹10,000 तक

2.ऑटो/ ई-रिक्शा
• पहले साल: ₹50,000
• दूसरे साल: ₹40,000
• तीसरे साल: ₹30,000

3.छोटा माल ढोने वाला वाहन
• पहले साल: ₹1 लाख
• दूसरे साल: ₹75,000
• तीसरे साल: ₹50,000

पुरानी गाड़ी हटाने पर बोनस (Scrapping Bonus )

अगर आप अपनी पुरानी गाड़ी हटाते हैं:
• स्कूटर: ₹10,000
• ऑटो: ₹25,000
• कार: ₹1 लाख (सीमित लोगों के लिए)
• माल वाहन: ₹50,000

टैक्स में बड़ी राहत
• सभी EV पर 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फ्री
• ₹30 लाख तक की कार पर पूरी छूट
• हाइब्रिड कार पर 50% छूट
• ₹30 लाख से महंगी कार पर कोई छूट नहीं

चार्जिंग की सुविधा
• पूरे शहर में चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे
• हर EV डीलर के पास चार्जिंग पॉइंट जरूरी होगा
• घर और ऑफिस में चार्जिंग आसान बनाई जाएगी
• बैटरी बदलने (swapping) की सुविधा भी बढ़ेगी

बैटरी का क्या होगा?
• पुरानी बैटरी को सुरक्षित तरीके से रीसाइकिल किया जाएगा
• सरकार बैटरी कलेक्शन सेंटर बनाएगी
• बैटरी को ट्रैक करने की व्यवस्था होगी

आगे क्या बदलेगा? (महत्वपूर्ण नियम)
• 1 जनवरी 2027 से: नए ऑटो सिर्फ इलेक्ट्रिक होंगे
• 1 अप्रैल 2028 से: नए स्कूटर/बाइक सिर्फ इलेक्ट्रिक होंगे

स्कूल और कंपनियों पर नियम

स्कूल बसें
• 2 साल में: 10% इलेक्ट्रिक
• 3 साल में: 20%
• 2030 तक: 30%

कंपनियां (जैसे Ola/Uber)
• 2026 से नई पेट्रोल/डीजल गाड़ियां नहीं जोड़ सकेंगी

कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार की यह नई EV पॉलिसी न सिर्फ प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि राजधानी को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में देश का अग्रणी शहर बनाने की तैयारी भी है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि जनता से मिले सुझावों के बाद इस नीति में क्या बदलाव होते हैं और इसे कितनी तेजी से जमीन पर उतारा जाता है.

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।