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15 साल तक एक ही कार चलाकर 9,99,999 km पूरा करने वाले French driver की ये कहानी इंटरनेट पर viral हो गई है. जैसे ही ओडोमीडर 10 लाख के करीब पहुंचा, वो अचानक ज़ीरो पर रीसट हो गया और कार ‘नई’ जैसी दिखने लगी. ये सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि Car Durability और सही Maintenance का बड़ा उदाहरण है. आखिर कैसे बना ये रिकॉर्ड? पूरी खबर पढ़ें.

9,99,999 KM से भी ज्यादा चल गई ये कार.
फ्रांस के ल्योन शहर में एक साधारण ड्राइवर ने ऑटोमोबाइल इतिहास में एक अनोखी मिसाल कायम की है. 15 साल तक लगातार एक ही कॉम्पैक्ट कार चलाते हुए उन्होंने अपनी गाड़ी का ओडोमीटर 999,999 किलोमीटर तक पहुंचा दिया. जब ओडोमीटर 1,000,000 का आंकड़ा पार करने वाला था, तो कार का डिस्प्ले अचानक रीसेट होकर ज़ीरो पर आ गया. ये घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और ऑटो लवर्स के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.
इस फ्रेंच ड्राइवर ने रोजमर्रा की जिंदगी में इस कार का इस्तेमाल किया. ऑफिस, बाजार, फैमिली ट्रिप्स – हर रोज हजारों लीटर फ्यूल खपाते हुए और नियमित ऑयल चेंज के साथ इस शख्स ने ये रिकॉर्ड बनाया है. ज्यादातर मॉडर्न कारें प्लान्ड ऑब्सोलेंसेंस की वजह से 3 लाख किलोमीटर के आसपास ही खराब होने लगती हैं, लेकिन इस कार ने ओल्ड स्कूल इंजीनियरिंग की ताकत दिखाई. मालिक की मेहनत और गाड़ी को अच्छी तरह रखने से ऐसा हो पाया है.
नई कार का तोहफा!
घटना के बाद ब्रांड के इंजीनियरों ने मालिक से संपर्क किया और कार को उनके म्यूजियम में रखने के लिए नई गाड़ी ऑफर की है. ये कहानी सिर्फ एक ओडोमीटर रीसेट की नहीं, बल्कि डिजिटल लिमिट्स पर मैकेनिकल विश्वसनीयता की जीत की है. जब ओडोमीटर 999,999 पर पहुंचा, तो कार का इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम सातवें अंक को हैंडल नहीं कर सका और रीसेट हो गया. इससे कार इलेक्ट्रॉनिक रूप से ‘ब्रांड न्यू’ जैसी लगने लगी, जबकि असल में ये 15 साल पुरानी थी.
लाखों कार मालिकों के लिए सीख
ऑटो इंडस्ट्री में आजकल हर 4-5 साल में नई कार खरीदने की ट्रेंड चल रहा है. कंपनियां नए फीचर्स, स्ट्रिक्ट एमिशन नॉर्म्स और इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्सिटी के नाम पर पुरानी कारों को जल्दी डिस्कंटिन्यू कर देती हैं. लेकिन ये फ्रेंच स्टोरी याद दिलाती है कि सही मेंटेनेंस, रेगुलर सर्विसिंग और अच्छे लुब्रिकेंट्स से एक कार दशकों तक चल सकती है. ऐसे केस दुर्लभ हैं, लेकिन टोयोटा, होंडा या कुछ यूरोपीय ब्रांड्स की पुरानी मॉडल्स में ऐसी विश्वसनीयता देखी गई है.
ये घटना उन कार मालिकों के लिए प्रेरणा है, जो अपनी गाड़ी को लंबे समय तक चलाना चाहते हैं. नियमित ऑयल चेंज, टायर रोटेशन, ब्रेक चेक और इंजन ट्यूनिंग जैसी छोटी-छोटी बातें बड़ी भूमिका निभाती हैं. आज के दौर में जहां इलेक्ट्रिक वाहन और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी आ रही है, वहां भी बैटरी और मोटर की लॉन्गेविटी पर इसी तरह ध्यान देने की जरूरत है.
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न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें