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RTO का ई-चालान भरने वाले हो जाएं अलर्ट! वरना खाली हो जाएगा खाता, लिंक या फाइल खोलने से पहले समझ लें फ्रॉड का फंडा

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On April 21, 2026
1 min read 1.2k views
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क्या आपने कभी सोचा है कि जो RTO चालान आपको मिलता है वो फेक भी हो सकता है. जी हां, आपको भले ही ये जानकर हैरानी हो लेकिन अब ज्यादातर ई-चालान के रूप में ऑनलाइन जारी किया जाता है और ठग नकली मैसेज या APK फाइल भेजकर लोगों से आसानी से पैसे ठग रहे हैं. रायपुर में ऐसा ही मामला सामने आया है. RTO चालान के नाम पर बड़ी ठगी की गई है. टिकरापारा थाना क्षेत्र में एक युवक से करीब 7 लाख 42 हजार रुपये की ठगी कर ली गई.

ठगों ने ई-चालान जमा करने के बहाने एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने को कहा. जैसे ही युवक ने फाइल डाउनलोड की, उसके बैंक खाते से पैसे गायब हो गए. पुलिस के मुताबिक, यह ठगी APK फाइल के जरिए की गई है. मामले की जांच साइबर पुलिस कर रही है और लोगों से ऐसे मैसेज या लिंक से सावधान रहने की अपील की गई है.

नकली मैसेज या एपीके फाइल से ठगी कैसे होती है?

ठग SMS पर या फिर WhatsApp से नकली मैसेज भेजते हैं जिसमें लिखा होता है कि आपकी गाड़ी पर RTO या ट्रैफिक का ई-चालान बन गया है. मैसेज में चालान नंबर, तारीख या गाड़ी का नंबर डालकर विश्वास दिलाते हैं और कहते हैं कि डिटेल देखने या पेमेंट करने के लिए APK फाइल डाउनलोड कर लें.

जैसे ही आप फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करते हैं, उसमें छिपा मालवेयर आपके फोन के सॉफ्टवेयर पर कब्जा कर लेता है. यह मालवेयर आपके बैंक ऐप, UPI, OTP, पासवर्ड और पर्सनल डेटा चुरा लेता है. फिर ठग तुरंत आपके बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं. कई मामलों में फोन पूरी तरह हैक हो जाता है और WhatsApp भी कंट्रोल में आ जाता है. सरकारी विभाग कभी भी APK फाइल नहीं भेजते, यह हमेशा फेक होता है.

कैसे बचाव करें?

सबसे पहले ऐसे किसी भी मैसेज को तुरंत डिलीट कर दें और नंबर ब्लॉक कर दें. कभी भी WhatsApp, SMS या अननोन लिंक से APK फाइल, PDF या कोई ऐप डाउनलोड न करें. अपने फोन पर Google Play Store से ही ऐप्स इंस्टॉल करें और अननोन सोर्स से इंस्टॉलेशन बंद रखें.

फोन का सॉफ्टवेयर और एंटीवायरस हमेशा अपडेट रखें. अगर कोई मैसेज में जल्दी पेमेंट करने या लाइसेंस ब्लॉक होने की धमकी दे तो उसे इग्नोर करें. शक होने पर अपने बैंक को तुरंत बताएं और ट्रांजेक्शन अलर्ट ऑन रखें. अगर पैसे चले गए तो 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें.

ई-चालान जमा करते समय क्या ध्यान रखें?

ई-चालान चेक करने और पेमेंट के लिए हमेशा खुद ब्राउजर में echallan.parivahan.gov.in या अपने राज्य के आधिकारिक ट्रैफिक पुलिस पोर्टल टाइप करके जाएं, किसी मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें.

वहां वाहन नंबर, चालान नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालकर डिटेल चेक करें और सिर्फ सुरक्षित पेमेंट गेटवे से पैसे जमा करें. कोई भी OTP, पासवर्ड या बैंक डिटेल किसी को न बताएं. असली चालान पर कभी भी APK या अननोन ऐप डाउनलोड करने को नहीं कहा जाता.

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।