
अब तक होता यह था कि जैसे ही कोई यूजर वेबसाइट को लोकेशन परमिशन देता था, वेबसाइट को उसकी बिल्कुल सही लोकेशन मिल जाती थी. इससे कई बार प्राइवेसी को लेकर चिंता बढ़ जाती थी क्योंकि कई वेबसाइट्स जरूरत से ज्यादा लोकेशन डेटा ट्रैक करती थीं. लेकिन नए अपडेट के बाद Chrome यूजर्स को ज्यादा कंट्रोल देगा और वे अपनी लोकेशन को सीमित तरीके से शेयर कर पाएंगे.

Google के अनुसार कई वेबसाइट्स को सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए लोकेशन चाहिए होती है. उदाहरण के तौर पर मौसम, लोकल न्यूज या आसपास की सामान्य जानकारी दिखाने वाली साइट्स को हर बार यूजर की सटीक लोकेशन की जरूरत नहीं होती. ऐसे मामलों में अब यूजर्स Approximate Location यानी अनुमानित लोकेशन शेयर कर सकेंगे. इससे वेबसाइट को केवल क्षेत्र की जानकारी मिलेगी लेकिन यूजर की सही जगह का पता नहीं चल पाएगा.
Published at : 10 May 2026 01:49 PM (IST)
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