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कार के शीशे पर बने काले डॉट्स क्यों होते हैं? जानिए Frit Band का असली काम

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On May 13, 2026
5 min read 1.2k views
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क्या आपने कभी सोचा है कि कार की विंडशील्ड के किनारों पर बने छोटे-छोटे काले डॉट्स आखिर क्यों होते हैं? ज्यादातर लोग इन्हें सिर्फ डिजाइन समझते हैं, लेकिन असल में ये कार की सेफ्टी, ग्लास की मजबूती और UV प्रोटेक्शन से जुड़े बेहद अहम हिस्से हैं. ये डॉट्स विंडशील्ड को टूटने से बचाने से लेकर कार को प्रीमियम लुक देने तक कई जरूरी काम करते हैं. पूरी खबर में जानिए इनका असली रोल क्या है.

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कार के शीशे पर बने इन काले डॉट्स का क्या है काम? 99% लोग नहीं जानते सच!Zoom

डॉट मैट्रिक्स या फ्रिट बैंड का क्या काम होता है? जानिए

आपने अक्सर कार की आगे की विंडशील्ड (windshield) के किनारों पर छोटी-छोटी काली बिंदियों (black dots) को नोटिस किया होगा. खासकर साइड और ऊपर वाले हिस्से में ये बिंदियां एक घने पैटर्न में दिखती हैं, जो दूर से एक काली पट्टी जैसी लगती हैं. ये बिंदियां कोई खराबी या डिजाइन की गलती नहीं हैं, बल्कि मॉडर्न ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.

इन्हें डॉट मैट्रिक्स या फ्रिट बैंड (Frit Band) कहा जाता है. ये काली बिंदियां विंडशील्ड को कार के बॉडी से मजबूती से जोड़ने, यूवी किरणों से बचाने और ब्यूटिफिकेशन के हिसाब से सुंदर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं. आइए जानते हैं कि गाड़ी के शीशे में इन काली बिंदियों का होना क्यों जरूरी है?

डॉट मैट्रिक्स या फ्रिट बैंड क्या होते हैं?

ये काली बिंदियां असल में सेरामिक फ्रिट (ceramic frit) नामक विशेष पेंट से बनी होती हैं. विंडशील्ड बनाने की प्रक्रिया में इन्हें हाई टेम्परेचर पर ग्लास के साथ फ्यूज (fused) कर दिया जाता है. ये बिंदियां विंडशील्ड के किनारे पर घनत्व के साथ शुरू होती हैं और बीच की तरफ कम होती जाती हैं, जिससे एक स्मूद ग्रेडिएंट बनता है. आइए इनके काम पर एक नज़र डालते हैं.

1. सीलेंट (Adhesive) को छिपाना: विंडशील्ड को कार के फ्रेम से जोड़ने के लिए मजबूत यूरेथेन एडहेसिव (urethane sealant) का इस्तेमाल किया जाता है. ये काली बिंदियां उस काले गोंद को बाहर से छिपाती हैं, जिससे कार का लुक साफ-सुथरा और प्रोफेशनल रहता है.

2. यूवी प्रोटेक्शन: सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें यूरेथेन सीलेंट को समय के साथ कमजोर कर सकती हैं. काली सेरामिक बिंदियां यूवी किरणों को ब्लॉक करती हैं, जिससे ग्लास और बॉडी के बीच का जोड़ लंबे समय तक मजबूत रहता है. इससे पानी का रिसाव या ग्लास का ढीला होना भी रोका जा सकता है.

3. थर्मल प्रेशर कम करना: ग्लास और मेटल का थर्मल एक्सपैंशन (गर्मी से फैलना) अलग-अलग होता है. बिंदियों का ग्रेडिएंट पैटर्न तापमान के कारण होने वाले तनाव को कम करता है, जिससे विंडशील्ड पर क्रैक पड़ने का खतरा घटता है.

4. एस्थेटिक्स और प्राइवेसी: ये बिंदियां कार को मॉडर्न लुक देती हैं और ड्राइवर को कुछ हद तक प्राइवेसी भी प्रदान करती हैं. साथ ही, वाइपर, डैशबोर्ड और अन्य कंपोनेंट्स को बेहतर तरीके से फिट करने में मदद करती हैं.

क्या ये बिंदियां हानिकारक हैं?

बिल्कुल नहीं. ये पूरी तरह सुरक्षित हैं और विंडशील्ड की मजबूती बढ़ाती हैं. अगर कभी ये बिंदियां फीकी पड़ जाएं या गायब होने लगें, तो ये ग्लास की लाइफ कम होने या किसी दुर्घटना का संकेत हो सकता है. मौजूदा समय की सभी SUV, सेडान और हैचबैक को इन बिंदुओं के साथ देखा जा सकता है.

About the Author

Ram Mohan MishraSenior Sub Editor

न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें



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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।