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EV vs Petrol Car: 50,000 KM बाद कौन बचाएगी ज्यादा पैसा? जानें पूरा हिसाब

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On June 8, 2026
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बढ़ती ईंधन की कीमतों और प्रदूषण के बीच आज हर गाड़ी खरीदने वाले के मन में एक ही बड़ा सवाल है कि इलेक्ट्रिक कार (EV) खरीदें या पेट्रोल कार? पहली नजर में ईवी अपनी ऊंची कीमत के कारण महंगी लगती है, जबकि पेट्रोल कार बजट में फिट बैठती है. लेकिन असली खेल तब शुरू होता है जब गाड़ी सड़क पर चलती है.

क्या आप जानते हैं कि सिर्फ 50,000 किलोमीटर चलने के बाद दोनों के खर्च में जमीन-आसमान का अंतर आ जाता है? शुरुआती निवेश में भारी दिखने वाली ईवी लंबी दूरी तय करने के बाद आपके लाखों रुपये बचा सकती है. आइए, बिना किसी उलझन के मेंटेनेंस, रनिंग कॉस्ट और रीसेल वैल्यू के एकदम सीधे गणित से समझते हैं कि आपके लिए कौन सी कार असली पैसा वसूल साबित होगी.

शुरुआती कीमत का गणित (Buying Cost)

पेट्रोल और इलेक्ट्रिक कार की शुरुआती कीमत में एक बड़ा अंतर होता है. आमतौर पर, एक ही सेगमेंट और मॉडल की पेट्रोल कार के मुकाबले उसकी ईवी (EV) वेरिएंट करीब 3 से 5 लाख रुपये महंगी होती है.

पेट्रोल कार: कम शुरुआती कीमत, कम डाउन पेमेंट और कम लोन ईएमआई (EMI).

इलेक्ट्रिक कार: ऊंची शुरुआती कीमत, लेकिन टैक्स में छूट और कई राज्यों में रोड टैक्स व रजिस्ट्रेशन फीस पर मिलने वाली सब्सिडी से ये अंतर थोड़ा कम हो जाता है.

रनिंग कॉस्ट: प्रति किलोमीटर का सीधा हिसाब

गाड़ी चलने का असली खर्च यहीं से तय होता है. पेट्रोल की कीमतें जहां आसमान छू रही हैं, वहीं बिजली की दरें काफी सस्ती हैं.

पेट्रोल कार: अगर कार 15 किमी/लीटर का माइलेज देती है और पेट्रोल ₹100/लीटर है, तो प्रति किलोमीटर का खर्च करीब ₹6.66 आता है.

इलेक्ट्रिक कार: एक सामान्य ईवी को फुल चार्ज करने में लगभग 30-40 यूनिट बिजली लगती है (खर्च करीब ₹300), जिससे वह 300 किमी चलती है. इस हिसाब से ईवी का खर्च मात्र ₹1 से ₹1.50 प्रति किलोमीटर आता है.

50,000 किलोमीटर के बाद कुल बचत

आइए अब 50,000 किलोमीटर चलने के बाद ईंधन और चार्जिंग पर हुए कुल खर्च की तुलना करते हैं:

खर्च का प्रकार पेट्रोल कार (माइलेज: 15 किमी/लीटर) EV चार्जिंग खर्च
प्रति किमी खर्च ₹6.66 ₹1.20
50,000 किमी का कुल खर्च ₹3,33,000 ₹60,000
सीधी बचत (ईंधन पर) ₹2,73,000

निष्कर्ष: सिर्फ ईंधन के खर्च पर ही ईवी आपके करीब ₹2,73,000 बचा लेती है, जो इसकी बढ़ी हुई शुरुआती कीमत के एक बड़े हिस्से को कवर कर लेता है.

मेंटेनेंस और सर्विसिंग का अंतर

पेट्रोल कार के मुकाबले इलेक्ट्रिक कार का मेंटेनेंस बेहद सस्ता होता है. आइए, दोनों के बारे में जानते हैं-

पेट्रोल कार: इंजन ऑयल, ऑयल फिल्टर, स्पार्क प्लग, कूलेंट और गियरबॉक्स के कारण हर 10,000 किमी पर सर्विसिंग का खर्च ₹5,000 से ₹8,000 तक आता है. 50,000 किमी तक ये खर्च ₹30,000 से ₹40,000 हो जाता है.

इलेक्ट्रिक कार: ईवी में इंजन नहीं होता, इसलिए न ऑयल बदलना पड़ता है और न ही मूविंग पार्ट्स खराब होते हैं. इसमें केवल टायर, ब्रेक पैड और एसी फिल्टर का खर्च होता है. 50,000 किमी में इसका मेंटेनेंस खर्च पेट्रोल के मुकाबले आधे से भी कम होता है.

आपके लिए क्या बेहतर है?

50,000 किलोमीटर चलाने के बाद ईवी न सिर्फ अपने पेट्रोल वेरिएंट की अतिरिक्त कीमत वसूल कर लेती है, बल्कि आपके लाखों रुपये (फ्यूल + मेंटेनेंस मिलाकर करीब 3 लाख से ज्यादा) बचाना भी शुरू कर देती है.

ईवी तब खरीदें: यदि आपका दैनिक सफर 50-60 किलोमीटर से ज्यादा है, आप कार को 5-7 साल रखना चाहते हैं और आपके पास घर पर चार्जिंग की सुविधा है.

पेट्रोल कार तब खरीदें: यदि आपका सालाना रनिंग बहुत कम है (महीने में 500 किमी से कम), बजट सीमित है या आप अक्सर ऐसे लंबे रूट्स पर जाते हैं जहां चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी कमजोर है.

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।