Green SM Limo Controversy: दिल्ली-NCR में ड्राइवरों को मिला सिर्फ ₹1,064? EV कैब सर्विस पर उठे सवाल


दिल्ली-एनसीआर में वियतनाम की कंपनी ग्रीन एसएम लिमो ने इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा शुरू करते ही ड्राइवरों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है. कंपनी ने विनफास्ट ब्रांड की करीब एक हजार कारें क्षेत्र में उतारी थीं और ड्राइवरों को भर्ती के दौरान अच्छी कमाई का आश्वासन दिया गया था. लेकिन पहले हफ्ते के पेमेंट के बाद ड्राइवरों में भारी निराशा फैल गई. कई ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें सिर्फ एक हजार रुपये से थोड़ा ज्यादा मिला, जबकि उम्मीद कई गुना ज्यादा थी. इससे उनकी घरेलू जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं.

कंपनी ने शुरुआती दौर की इन समस्याओं को स्वीकार किया है और ड्राइवरों के साथ बातचीत शुरू कर दी है. ये ईवी कैब सर्विस ब्लू स्मार्ट के बंद होने के बाद प्रीमियम इलेक्ट्रिक कैब सेगमेंट को भरने की कोशिश के रूप में देखी जा रही थी. ड्राइवरों का आरोप है कि वादे और हकीकत में बड़ा अंतर है, जिससे उनका भरोसा टूट रहा है. आइए पूरा मामला समझते हैं.

लॉन्च और शुरूआती वादे

ग्रीन एसएम लिमो का ऐप कुछ हफ्ते पहले लाइव हुआ था. लेकिन आधिकारिक सेवाएं 5 जून को शुरू हुईं. लॉन्च कार्यक्रम में दिल्ली और हरियाणा के बड़े राजनेता भी शामिल हुए. कंपनी ने ड्राइवरों को दो महीने तक हर महीने 35,000 रुपये की न्यूनतम गारंटीड आमदनी का वादा किया था, भले ही बुकिंग कम हो. इसके बाद कमाई परफॉर्मेंस पर निर्भर करेगी, ऐसा बोला गया था. कंपनी हर मंगलवार को भुगतान करती है.

ड्राइवरों को आकर्षित करने वाली बड़ी बात ये थी कि उन्हें अपनी गाड़ी खरीदने की जरूरत नहीं थी. कंपनी विनफास्ट कारें उपलब्ध करा रही है. शुरू में ये सब कुछ आकर्षक लग रहा था, लेकिन पेमेंट आने के बाद स्थिति बदल गई. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए एक कैब ड्राइवर ने कहा कि उन्हें हफ्ते भरके सिर्फ 1,064 रुपये मिले, जबकि अपेक्षा 8,000 रुपये से ज्यादा की थी.

पेमेंट और शर्तों को लेकर विवाद

ड्राइवरों का आरोप है कि कंपनी ने गारंटीड इनकम के लिए कई नई शर्तें लगा दी हैं, जो शुरुआत में नहीं बताई गई थीं. अब 90 प्रतिशत से ज्यादा बुकिंग स्वीकार करने की दर, 90 प्रतिशत ट्रिप पूरी करने की दर और कम से कम 4.8 का ग्राहक रेटिंग जरूरी कर दिया गया है.

इसके अलावा ड्राइवरों को घर पर या चार्जिंग के दौरान ऐप पर ऑनलाइन रहने की मनाही कर दी गई है. उन्हें सिर्फ गाड़ी में बैठकर ड्यूटी शुरू करने के बाद ही लॉगिन करने को कहा गया है. कई ड्राइवरों ने परमिट संबंधी समस्या भी बताई. दिल्ली और उत्तर प्रदेश में गाड़ियों की पूरी अनुमति न होने से नोएडा जैसी जगहों की बुकिंग लेने या कैंसल करने में परेशानी हो रही है.

कंपनी की प्रतिक्रिया

ग्रीन एसएम के एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा कि कंपनी शुरुआती चरण में ड्राइवर पार्टनर्स की फीडबैक को गंभीरता से ले रही है. ड्राइवरों से सीधे मुलाकात करके उनकी बात सुनी गई और समस्याओं के समाधान पर काम चल रहा है.

कंपनी ऑपरेशनल डेटा की जांच कर जरूरी बदलाव करने की तैयारी में है. साथ ही योग्य ड्राइवरों को गाड़ी घर ले जाने की नई सुविधा शुरू करने की भी योजना है, ताकि उनकी सुविधा बढ़ सके. कंपनी का लक्ष्य देशभर में 10,000 कारें तैनात करना है.

ड्राइवरों का कहना है कि अगर जल्दी ठोस बदलाव नहीं हुए तो उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा. दोनों तरफ से बातचीत जारी है.



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