Telegram पर बैन के बाद आग-बबूला हुए सीईओ पावेल दुरोव, कहा- रिलायंस का हो सकता है हाथ


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • टेलीग्राम सीईओ ने रिलायंस पर एक्सेस रोकने, व्हाट्सऐप को लाभ पहुँचाने का आरोप।
  • पेपर लीक रोकने को भारत में टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध।
  • सीईओ ने प्रतिबंध को गलत बताया, हाईकोर्ट में आदेश को चुनौती।

Telegram Ban: भारत में टेंपरेरी बैन का सामना कर रहे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के सीईओ पावेल दुरोव ने रिलायंस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा कि भारतीय टेलीकॉम कंपनी रिलायंस भारत से बाहर भी लाखों यूजर्स के लिए टेलीग्राम की एक्सेस को रोक रही है. व्हाट्सऐप को फायदा पहुंचाने के लिए यह जानबूझकर किया जा रहा है. उन्होंने यहां तक भी कह दिया है कि भारत में टेलीग्राम पर रोक लगवाने के पीछे रिलायंस और व्हाट्सऐप का भी हाथ हो सकता है. आइए यह पूरा मामला समझते हैं.

टेलीग्राम पर बैन लगने से नाराज हैं दुरोव

भारत सरकार ने बीते दिन टेलीग्राम पर 22 जून तक बैन लगा दिया था. पेपर लीक की घटनाओं में इस प्लेटफॉर्म के यूज को रोकने के लिए यह आदेश जारी किया गया है. दुरोव ने इस फैसले को गलत बताते हुए कहा कि इससे लीक की घटनाएं बंद नहीं होंगी. एक और पोस्ट में उन्होंने रिलायंस को घेरा है. ताजा घटनाक्रम में टेलीग्राम ने सरकार के आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

रिलायंस को लेकर क्या बोले दुरोव?

दुरोव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि रिलायंस BGP hijacking नाम के तरीके के इस्तेमाल कर यूएई समेत भारत से बाहर के लोगों के लिए भी टेलीग्राम की एक्सेस को रोक रही है. ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है और रिलायंस ने इससे संबंधित शिकायतों पर भी कोई जवाब नहीं दिया है. दुरोव के मुताबिक, यह कंपीटिशन वॉर का हिस्सा है क्योंकि रिलायंस में व्हाट्सऐप की पैरेंट कंपनी मेटा की हिस्सेदारी है. टेलीग्राम फाउंडर ने नेटवर्क ऑपरेटर्स से रिलायंस की तरफ से आने वाली अनऑथोराइज्ड BGP अनाउंसमेंट को रिजेक्ट करने की अपील की है ताकि रूट हाइजैक को रोककर यूजर्स के लिए स्टेबल इंटरनेट एक्सेस सुनिश्चित की जा सके. दुरोव ने कहा कि भारत में टेलीग्राम पर बैन लगाने की कोशिश में रिलायंस और व्हाट्सऐप का भी हाथ हो सकता है. अभी तक रिलायंस की तरफ से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

क्यों लगा है टेलीग्राम पर बैन?

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का कहना है कि NEET (UG) 2026 Re-Exam की तैयारी कर रहे कैंडिडेट को टारगेट करने के लिए फ्रॉड नेटवर्क टेलीग्राम ग्रुप्स को यूज कर रहे हैं. सरकार की तरफ से कहा गया है कि IT कानून के तहत यह फैसला लिया गया है ताकि पेपर लीक की घटनाओं में शामिल लोग इस प्लेटफॉर्म को यूज न कर पाएं. इस आदेश पर रिएक्शन देते हुए दुरोव ने कहा था कि सरकार पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों की जगह टेलीग्राम के 15 करोड़ से ज्यादा यूजर्स को सजा दे रही है.

ये भी पढ़ें-

धमाका करने के मूड में ऐप्पल, नए लुक वाले आईफोन के साथ लॉन्च करेगी कैमरे वाले एयरपॉड्स



Source link