Google Maps पर दिख रहा Noida Airport का गलत रास्ता हुआ ठीक, अब नहीं होगी यात्रियों को दिक्कत


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  • गूगल मैप्स नोएडा एयरपोर्ट का गलत रास्ता दिखा रहा था।
  • गलत दिशा में यात्री कार्गो टर्मिनल पहुँचे, जिससे परेशानी हुई।
  • गूगल मैप्स ने गलती सुधारी, अब सीधा मार्ग उपलब्ध है।

Noida Airport Google Maps: जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत हो चुकी है. इसी बीच जानकारी आई थी कि गूगल मैप्स के कारण एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को भटकना पड़ रहा है. दरअसल, गूगल मैप्स इस एयरपोर्ट का गलत रास्ता दिखा रहा था, जिसके चलते दिल्ली-एनसीआर, आगरा और मथुरा से आने वाले यात्री कार्गो टर्मिनल पहुंच रहे थे. अब इस गड़बड़ी को दूर कर लिया गया है और गूगल मैप्स पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सही रास्ता दिखाया जा रहा है.

कहां हुई गड़बड़?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को एयरपोर्ट आने वाले कई यात्री रास्ता भटक गए थे. इसके चलते न सिर्फ उनका समय बर्बाद हुआ बल्कि उन्हें लंबा सफर भी तय करना पड़ा. ऐसा गूगल मैप्स की एक गड़बड़ी के कारण हुआ. गूगल मैप्स यात्रियों को किशोरपुर गांव के पास से पैसेंजर टर्मिनल की तरफ भेजने की बजाय कार्गो टर्मिनल का रास्ता दिखा रहा था. कई यात्री इस रास्ते को फॉलो करते हुए कार्गो टर्मिनल के पास पहुंच गए. यहां कार्गो गेट पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोककर बताया कि यह पैसेंजर टर्मिनल नहीं है. इससे यात्रियों को 20 किलोमीटर का एक्स्ट्रा सफर तय करने के साथ एक्स्ट्रा टोल भी देना पड़ रहा था. 

गूगल मैप्स में ठीक हुआ रास्ता

अब बताया जा रहा है कि गूगल मैप्स ने यह गड़बड़ ठीक कर ली है और यात्रियों को कार्गो टर्मिनल की जगह पैसेंजर टर्मिनल का रास्ता दिखाया जा रहा है. अब यह ऐप यमुना एक्सप्रेस-वे से एयरपोर्ट को कनेक्ट करने वाला रास्ता दिखा रही है. इससे यात्रियों को समय की बचत हो रही है. अगर आप गूगल मैप्स के बिना भी एयरपोर्ट आना चाहते हैं तो इसके रास्ते की जानकारी होना जरूरी है. नोएडा एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल पहुंचने के लिए दिल्ली-मुंबई लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे सबसे सही रास्ता है. इससे एयरपोर्ट का एंट्री गेट थोड़ी ही दूरी पर स्थित है.

गूगल मैप्स को कैसे चलता है रास्ते का पता?

कई लोगों के मन में यह सवाल आ सकता है कि गूगल मैप्स या दूसरी नेविगेशन ऐप्स को रास्ते का पता कैसे चलता है. रास्ता पता करने के लिए ये ऐप्स सैटेलाइट इमेजरी, एरियल मैपिंग और रियल-टाइम GPS डेटा को यूज करती है. यह सिस्टम सभी सड़कों को एक इंटरकनेक्टेड वेब के तौर पर ट्रीट करता है. फिर एडवांस्ड रूटिंग एल्गोरिदम की मदद से यह पता लगा लेता है कि एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए सबसे सही रास्ता कौन-सा है.

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