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43 साल बाद परिवार ने बेची कंपनी, 540 कर्मचारियों की खुली किस्मत; रातोंरात बने करोड़पति

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On June 22, 2026
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Fiberbond Company : अमेरिका के एक छोटे से शहर की पारिवारिक कंपनी की बिक्री ने सैकड़ों कर्मचारियों की जिंदगी बदल दी. 43 साल तक कंपनी चलाने के बाद परिवार ने इसे 1.7 अरब डॉलर यानी करीब 14 हजार करोड़ रुपये में बेच दिया, लेकिन कंपनी मालिक ने बिक्री से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा अपने कर्मचारियों को देने का फैसला किया. इसके बाद 540 कर्मचारियों को कुल 24 करोड़ डॉलर यानी करीब 2 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मिली, जिससे कई कर्मचारी रातोंरात करोड़पति बन गए. 

43 साल बाद बेची कंपनी 

यह कंपनी अमेरिका के लुइसियाना राज्य के मिंडेन शहर में स्थित फाइबरबॉन्ड है, जो इलेक्ट्रिकल डिवाइसों के लिए विशेष संरचनाएं और एनक्लोजर बनाती है. कंपनी को वॉकर परिवार ने 43 सालों तक संचालित किया. बाद में इसे पावर मैनेजमेंट क्षेत्र की बड़ी कंपनी ईटन (Eaton) को बेच दिया गया. कंपनी के पूर्व सीईओ ग्राहम वॉकर ने सौदा पूरा करने से पहले एक विशेष शर्त रखी. उन्होंने कहा कि बिक्री से मिलने वाली राशि का 15 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों को दिया जाएगा, जबकि कर्मचारियों के पास कंपनी के कोई शेयर भी नहीं थे. 

एक शर्त ने बदल दी कर्मचारियों की लाइफ

कंपनी बिक्री के समझौते में जोड़ी गई इस शर्त के कारण 540 फुल टाइम कर्मचारियों को कुल 24 करोड़ डॉलर बांटे गए. औसतन हर कर्मचारी को लगभग 4.43 लाख डॉलर मिले, जो भारतीय मुद्रा में करोड़ों रुपये के बराबर है. यह राशि जून से कर्मचारियों को मिलनी शुरू हुई, हालांकि पूरी रकम पाने के लिए कर्मचारियों को अगले पांच सालों तक कंपनी के साथ जुड़े रहना होगा. वहीं 65 साल या उससे ज्यादा उम्र के कर्मचारियों को इस शर्त से छूट दी गई, जिससे कई कर्मचारी तुरंत रिटायरमेंट हो सके. जब कर्मचारियों को बोनस की जानकारी मिली तो कई लोग हैरान रह गए. कुछ को विश्वास ही नहीं हुआ कि उन्हें इतनी बड़ी रकम मिलने वाली है. कई कर्मचारियों ने इसे लॉटरी जीतने जैसा एक्सपिरियंस बताया.

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कैसे रखा कर्मचारियों को साथ 

फाइबरबॉन्ड की स्थापना साल 1982 में ग्राहम वॉकर के पिता क्लॉड वॉकर ने की थी. शुरुआत में कंपनी रेलवे लाइनों के किनारे लगाए जाने वाले टेलीफोन और इलेक्ट्रिकल डिवाइसों के लिए संरचनाएं तैयार करती थी. साल 1998 में कंपनी के कारखाने में भीषण आग लग गई थी, जिससे बड़ा नुकसान हुआ. इसके कुछ समय बाद डॉट-कॉम संकट के कारण कारोबार पर भी असर पड़ा. एक समय कंपनी में करीब 900 कर्मचारी काम करते थे, लेकिन हालात खराब होने पर कर्मचारियों की संख्या घटकर लगभग 320 रह गई. इसके बाद भी वॉकर परिवार ने मूश्किल समय में भी कर्मचारियों का साथ नहीं छोड़ा और कई मुश्किल परिस्थितियों में भी वेतन देना जारी रखा. 

डेटा सेंटर कारोबार ने बदली तस्वीर

कंपनी के लिए बड़ा बदलाव तब आया जब उसने डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में करीब 15 करोड़ डॉलर का निवेश किया. साल 2020 में कोविड महामारी के दौरान क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग ने इस फैसले को सही साबित किया. इसके बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट और एलएनजी एक्सपोर्ट टर्मिनल्स की मांग बढ़ने लगी. इसका फायदा कंपनी को मिला और पिछले पांच सालों में उसकी बिक्री में लगभग 400 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. बढ़ते कारोबार को देखते हुए कई बड़ी कंपनियों ने फाइबरबॉन्ड को खरीदने में रुचि दिखाई. 

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।