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ChatGPT से है आपको खतरा? Signal President ने AI चैटबॉट्स को लेकर दी बड़ी चेतावनी

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On June 23, 2026
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  • AI पर अत्यधिक निर्भरता मानवीय सोच क्षमता घटा सकती है।

Signal President on ChatGPT: आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काफी तेजी से अपने पैर पसार रहा है. एआई चैटबॉट्स तो अब लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनते जा रहे हैं. पढ़ाई से लेकर ऑफिस के काम और Personal advice तक के लिए लोग ChatGPT, Gemini, Claude जैसे AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. जानकारी के लिए बता दें कि इन चैटबॉट्स के बात करने का तरीका इतना आसान होता है कि कई लोग इन्हें अपना डिजिटल साथी समझने लगते हैं जो एक समय बाद बड़ा खतरा बन सकता है. इसी को लेकर Signal की प्रेसिडेंट मेरिडिथ व्हिटेकर का मानना है कि ऐसा सोचना खतरनाक हो सकता है.

AI का सही इस्तेमाल जरूरी

मेरिडिथ व्हिटेकर खुद AI टूल्स का इस्तेमाल केवल जरूरत पड़ने पर करती हैं. वह डॉक्यूमेंट्स को व्यवस्थित करने या फॉर्मेटिंग जैसे कामों में AI की मदद लेती हैं. हालांकि, वह अपने विचारों, किसी भी चीज पर लिखना या मुश्किल मुद्दों पर सोचने के लिए AI पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं. उनके अनुसार किसी विचार को समझने और उसे डेवलप करने का प्रोसेस इंसानी सोच का जरूरी हिस्सा है जिसे पूरी तरह मशीनों के हवाले नहीं किया जाना चाहिए.

AI इंसान नहीं सिर्फ एक तकनीकी सिस्टम है

मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Signal की अध्यक्ष मेरिडिथ व्हिटेकर ने Bloomberg से बातचीत में लोगों को चेतावनी दी है कि वे AI चैटबॉट्स को अपना दोस्त या भरोसेमंद साथी समझने की गलती न करें. उनका कहना है कि AI सिस्टम चाहे कितनी भी इंसानों जैसी भाषा में जवाब दें लेकिन उनमें न तो चेतना होती है और न ही भावनाओं को समझने की असली ताकत. वे सिर्फ अपने ट्रेनिंग के दौरान सीखे गए डेटा के आधार पर रिएक्शन देते हैं. आसान भाषा में समझाएं तो AI आपकी भावनाओं को महसूस नहीं करता बल्कि केवल यह अनुमान लगाता है कि किसी सवाल का सबसे सही जवाब क्या हो सकता है.

कंट्रोल हमेशा कंपनी के हाथ में रहता है

व्हिटेकर का मानना है कि किसी भी AI चैटबॉट पर पूरी तरह भरोसा करना सही नहीं है क्योंकि उसके काम करने का तरीका और ताकतों पर कंट्रोल उस कंपनी का होता है जिसने उसे बनाया है. भले ही AI आपको निष्पक्ष लगता हो लेकिन उसकी भी कुछ लिमिटेशन होती हैं. इसके अलावा इनके नियम और काम करने का तरीका भी कंपनी द्वारा तय किया जाता है. ऐसे में यूजर्स के पास इन चैटबॉट्स का कोई भी कंट्रोल नहीं रहता है.

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।