वाइपर से लेकर टायर तक, बारिश में दौड़ानी है कार; तो आज ही दुरुस्त कर लें ये 5 चीजें


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मानसून की पहली बारिश आपकी ड्राइविंग को जितना सुहाना बनाती है, उतना ही जोखिम भी बढ़ा देती है. फिसलन भरी सड़कें, कम विज़िबिलिटी और लंबी ब्रेकिंग दूरी छोटी-सी गलती को बड़े हादसे में बदल सकती है. ऐसे में बारिश शुरू होने से पहले कार की 5 चीजों की जांच बेहद जरूरी है. जानिए कौन-सी बातें आपकी ड्राइव को सुरक्षित और तनावमुक्त बना सकती हैं.

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Car Driving in Rain: बरसात में इन 5 चीजों का रखें ध्यान.

मानसून की पहली बारिश के साथ सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, विज़िबिलिटी कम होती है और ब्रेकिंग दूरी भी बढ़ जाती है. ऐसी कंडीशन में गाड़ी चलाना काफी चैलेंजिंग होता है. अगर आपकी कार वाइपर से लेकर टायर तक ठीक से तैयार नहीं है, तो छोटी-सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है. बारिश में सेफ ड्राइविंग के लिए आज ही अपनी कार की जरूरी चीजों को दुरुस्त कर लें.

रेगुलर मेंटेनेंस न सिर्फ आपकी जान बचाता है बल्कि कार की लाइफ भी बढ़ाता है. इस आर्टिकल में हम आपको पांच ऐसी महत्वपूर्ण चीजें बताएंगे, जिन्हें बारिश शुरू होने से पहले जरूर चेक और ठीक करवा लें. समय रहते सावधानी बरतने से आप बारिश में भी कॉन्फिडेंस के साथ ड्राइव कर सकेंगे. आइए इन टिप्स के बारे में एक-एक करके जान लेते हैं.

1. वाइपर ब्लेड्स

बारिश में सबसे पहले जरूरी होता है साफ दिखना. पुराने, फटे या सख्त हो चुके वाइपर ब्लेड पानी को अच्छे से साफ नहीं कर पाते और विंडशील्ड पर धब्बे छोड़ जाते हैं. इससे विज़िबिलिटी घटती है और एक्सीडेंट का खतरा बढ़ता है. आज ही वाइपर ब्लेड चेक करें. अगर वे छह महीने से ज्यादा पुराने हैं या पानी पोंछते समय उनसे आवाज़ आती है, तो तुरंत नए ब्लेड लगवा लें. अच्छी क्वालिटी के सिलिकॉन ब्लेड चुनें जो लंबे समय तक टिकते हैं. साथ ही वाइपर फ्लूइड भी पूरा भर लें. ये छोटा निवेश आपकी बारिश की ड्राइविंग को बहुत सुरक्षित बना सकता है.

2. टायर

बारिश में टायर की ग्रिप सबसे महत्वपूर्ण होती है. घिसे हुए टायर पानी पर फिसल सकते हैं और हाइड्रोप्लानिंग का खतरा पैदा कर सकते हैं. टायर के ट्रेड की गहराई कम से कम 1.6 मिमी होनी चाहिए, लेकिन मानसून में 3-4 मिमी या ज्यादा बेहतर है. आज ही सभी चारों टायर चेक करवाएं. प्रेशर सही रखें क्योंकि कम प्रेशर वाले टायर ज्यादा फिसलते हैं. अगर टायर दो साल से पुराने हैं तो उनकी कंडीशन चेक करें. जरूरत पड़े तो नए टायर लगवा लें. अच्छे ट्रेड वाले टायर बारिश में बेहतर ब्रेकिंग और कंट्रोल देते हैं.

3. ब्रेक सिस्टम

गीली सड़कों पर ब्रेकिंग दूरी बढ़ जाती है. अगर ब्रेक पैड घिसे हुए हैं या ब्रेक फ्लूइड पुराना है तो ब्रेकिंग कमजोर हो सकती है. आज ही ब्रेक पैड, डिस्क और फ्लूइड लेवल चेक करवाएं. ब्रेक फ्लूइड हर दो साल में बदलना चाहिए. बारिश में ABS सिस्टम भी अच्छी तरह काम करना चाहिए. अगर ब्रेक लगाते समय आवाज आती है या गाड़ी एक तरफ झुकती है तो तुरंत मैकेनिक के पास जाएं. मजबूत ब्रेक आपकी और दूसरों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं.

4. हेडलाइट्स और टेललाइट्स

बारिश में धुंध और कम विजिबिलिटी के कारण लाइट्स का सही काम करना बहुत महत्वपूर्ण है. धुंधली या खराब हेडलाइट्स से आगे का रास्ता साफ नहीं दिखता. आज ही सभी लाइट्स (हेडलाइट, टेललाइट, ब्रेक लाइट और इंडिकेटर) चेक करें. अगर बल्ब जल गए हैं या लेंस धुंधले हो गए हैं तो बदलवा लें. फॉग लाइट्स भी साफ करके रखें. सही रोशनी न सिर्फ आपको रास्ता दिखाती है बल्कि दूसरे वाहन चालकों को भी आपकी मौजूदगी का पता चलता है.

5. बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम

बारिश में नमी बैटरी और इलेक्ट्रिकल पार्ट्स को प्रभावित करती है. कमजोर बैटरी बारिश में अचानक खराब हो सकती है. आज ही बैटरी टर्मिनल्स साफ करवाएं, पानी का लेवल चेक करें और बैटरी की कंडीशन चेक करें. अगर बैटरी दो साल पुरानी है तो उसकी टेस्टिंग जरूर कराएं. साथ ही सभी इलेक्ट्रिकल कनेक्शन्स को नमी से बचाएं. अच्छी बैटरी से वाइपर, लाइट्स और इंजन स्टार्टिंग बिना किसी समस्या के काम करते रहेंगे.

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Ram Mohan MishraSenior Sub Editor

न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें





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