बारिश में बाइक-स्कूटर चलाने से पहले जानिए 5 जरूरी बातें, बीच सड़क नहीं फंसेंगे


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बारिश का मौसम जितना सुहावना होता है, उतना ही दोपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम भरा भी साबित हो सकता है. गीली सड़कें, फिसलन, कम विजिबिलिटी और जलभराव छोटी-सी गलती को बड़े हादसे में बदल सकते हैं. अगर आप मानसून में अपनी बाइक या स्कूटर से सुरक्षित सफर करना चाहते हैं, तो इन 5 आसान लेकिन बेहद जरूरी टिप्स को जरूर जानें. ये सलाह आपकी राइड को ज्यादा सुरक्षित और तनावमुक्त बना सकती है.

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मॉनसून में टू-व्हीलर चलाते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान.

भारत में मानसून का मौसम अपने साथ चिलचिलाती गर्मी से राहत तो लाता है, लेकिन दोपहिया वाहन चालकों के लिए कई चुनौतियां भी खड़ी कर देता है. गीली सड़कें, छिपे हुए गड्ढे और कम विजिबिलिटी के कारण बाइक या स्कूटर फिसलने का खतरा काफी बढ़ जाता है. ऐसे में सड़क पर दुर्घटनाओं से बचने और सुरक्षित सफर तय करने के लिए अपने वाहन की सही देखभाल और ड्राइविंग आदतों में कुछ जरूरी बदलाव करना बेहद महत्वपूर्ण है.

अगर आप इस बारिश के मौसम में बिना किसी परेशानी के अपनी बाइक या स्कूटर चलाना चाहते हैं, तो आपको कुछ बेहद जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा. आइए जानते हैं मानसून के कुछ ऐसे ही टॉप टू-व्हीलर और ड्राइविंग टिप्स, जो इस सुहाने मौसम में आपकी ट्रिप को पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक बना देंगे.

1. टायरों की ग्रिप और प्रेशर की जांच करें

मानसून में सड़क और टायर के बीच घर्षण (Friction) कम हो जाता है, जिससे गाड़ी फिसलने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए सबसे पहले अपने वाहन के टायरों के थ्रेड (Tread) की गहराई जांचें, ये कम से कम 2-3 मिमी होनी चाहिए ताकि पानी आसानी से बाहर निकल सके. अगर टायर घिस चुके हैं, तो उन्हें तुरंत बदलवाएं. इसके अलावा, बारिश के दिनों में टायर प्रेशर को सामान्य से 1-2 PSI कम रखना चाहिए. इससे टायर का सड़क से संपर्क क्षेत्र (Contact Patch) बढ़ता है, जिससे गीली सड़कों पर भी आपको बेहतर ग्रिप और कंट्रोल मिलता है.

2. ब्रेकिंग सिस्टम को दुरुस्त और सतर्क रखें

गीली सड़कों पर वाहन की ब्रेकिंग दूरी (Stopping Distance) बढ़ जाती है, इसलिए ब्रेक का सही काम करना बेहद जरूरी है. मानसून शुरू होने से पहले ही ब्रेक पैड्स, केबल और ब्रेक ऑयल की अच्छी तरह जांच करवा लें. गाड़ी चलाते समय कभी भी अचानक से तेज ब्रेक (Hard Braking) न लगाएं, क्योंकि इससे पहिए लॉक हो सकते हैं और गाड़ी स्किड कर सकती है. हमेशा प्रोग्रेसिव ब्रेकिंग का इस्तेमाल करें, यानी दोनों ब्रेकों (अगले और पिछले) को एक साथ धीरे-धीरे और जरूरत के अनुसार दबाएं.

3. रफ्तार धीमी रखें और सुरक्षित दूरी बनाएं

पानी से भरी सड़कों पर स्पीड लिमिट से भी कम रफ्तार में चलें, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में आपको संभलने का पूरा समय मिल सके. अपने आगे चल रहे वाहन से आम दिनों के मुकाबले दोगुनी दूरी (Safe Following Distance) बनाकर रखें. ऐसा करने से यदि आगे वाला वाहन अचानक ब्रेक लगाता है या गड्ढे से बचने के लिए मुड़ता है, तो आप सुरक्षित रूप से अपनी गाड़ी रोक पाएंगे.

4. विजिबिलिटी बढ़ाएं और सही गियर चुनें

भारी बारिश और धुंध के कारण सड़क पर देखना (Visibility) काफी मुश्किल हो जाता है. इससे बचने के लिए दिन में भी अपनी हेडलाइट को लो-बीम पर चालू रखें ताकि सामने और पीछे से आने वाले वाहनों को आप साफ नजर आ सकें. हमेशा साफ वाइजर वाले फुल-फेस हेलमेट का इस्तेमाल करें और एंटी-फॉग स्प्रे का प्रयोग करें ताकि सांस लेने पर कांच पर धुंध न जमे. साथ ही, चमकीले या रिफ्लेक्टिव स्ट्रिप्स वाले रेनकोट पहनें, जो दूर से ही चमकते हैं.

5. जलभराव और गड्ढों से बचकर निकलें

सड़कों पर भरे पानी के नीचे कितने गहरे गड्ढे या खुले मैनहोल छिपे हैं, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन होता है. इसलिए अनजान पानी से भरे रास्तों पर जाने से बचें. अगर पानी से गुजरना ही पड़े, तो पहली गियर में स्टेबल रेस देकर धीरे-धीरे निकलें, ताकि साइलेंसर में पानी न घुसे और इंजन बंद न हो. सड़क के किनारों पर चलने से बचें क्योंकि वहां पानी और कीचड़ ज्यादा जमा होता है और फिसलने का डर रहता है.

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Ram Mohan MishraSenior Sub Editor

न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें





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