Indian Railways News : लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए रात के समय शांति और आराम बनाए रखना जरूरी है। रात में बार-बार आवाज लगाकर खाने-पीने का सामान बेचने वाले वेंडरों से यात्रियों की नींद में खलल पड़ने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में रेलवे के खानपान और शोर-शराबे से जुड़े नियमों को जानना यात्रियों के लिए उपयोगी है।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, रात 11 बजे के बाद ट्रेनों में वेंडरों की आवाजाही और खानपान सेवाओं को लेकर नियमों का पालन कराने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, सभी ट्रेनों में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक खानपान सेवा पूरी तरह बंद होने के दावे की पुष्टि करने वाला कोई स्पष्ट, सार्वभौमिक आधिकारिक आदेश यहां उपलब्ध नहीं है। इसलिए यात्रियों को अपनी ट्रेन की व्यवस्था और लागू नियमों की पुष्टि करनी चाहिए।
रात में ट्रेन में आवाज लगाकर सामान बेचने पर क्या नियम है?
रेलवे में यात्रियों की सुविधा और आराम बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ट्रेन में तेज आवाज, अनावश्यक शोर या यात्रियों को परेशान करने वाले व्यवहार की शिकायत रेलवे कर्मचारियों से की जा सकती है।
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 145 में नशे की हालत, उपद्रव और यात्रियों की आरामदायक यात्रा को प्रभावित करने वाले कुछ कृत्यों के लिए कार्रवाई का प्रावधान है। हालांकि, इस धारा में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक वेंडरों के सामान बेचने पर रोक का स्पष्ट समय निर्धारित नहीं है।
आधिकारिक जानकारी: रेलवे अधिनियम की धारा 145 पढ़ें।
क्या रात 11 बजे के बाद ट्रेन में खाना नहीं मिलेगा?
यह मान लेना सही नहीं होगा कि रात 11 बजे के बाद हर ट्रेन में खाना मिलना पूरी तरह बंद हो जाता है। खानपान की उपलब्धता ट्रेन, सेवा और लागू व्यवस्था पर निर्भर कर सकती है।
यात्री यात्रा से पहले अपनी ट्रेन में उपलब्ध खानपान सेवा की जानकारी ले सकते हैं। IRCTC की ई-कैटरिंग सेवा की शर्तों के अनुसार, निर्धारित स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने के समय से जुड़ी शर्तों के अधीन पहले से भोजन बुक किया जा सकता है। सामान्य तौर पर बुकिंग निर्धारित आगमन समय से दो घंटे पहले तक की जा सकती है; कुछ सेवा प्रदाता इससे कम समय में भी ऑर्डर स्वीकार कर सकते हैं।
भोजन बुक करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट: IRCTC e-Catering।
रात में वेंडर तेज आवाज लगाए तो यात्री क्या करें?
अगर ट्रेन में कोई वेंडर तेज आवाज लगाकर यात्रियों को परेशान कर रहा है, तो यात्री ये कदम उठा सकते हैं:
- ट्रेन में मौजूद टीटीई या अन्य अधिकृत रेलवे कर्मचारी को शिकायत बताएं।
- शिकायत के लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग करें।
- शिकायत करते समय ट्रेन नंबर, कोच नंबर, सीट या बर्थ और समस्या का समय बताएं।
- अगर वेंडर अनधिकृत है या संदिग्ध तरीके से सामान बेच रहा है, तो इसकी जानकारी रेलवे अधिकारियों को दें।
रेलवे और IRCTC ने अनधिकृत वेंडिंग पर रोक लगाने और अधिकृत खानपान कर्मचारियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। रेलवे मंत्रालय की 19 मार्च 2026 की जानकारी में अधिकृत वेंडरों के लिए QR कोड वाले पहचान पत्र और अनधिकृत बिक्री पर कार्रवाई का उल्लेख है।
संबंधित आधिकारिक जानकारी: रेल मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
रात की यात्रा में भोजन की जरूरत हो तो उपलब्ध खानपान विकल्पों की जानकारी पहले ही ले लें। वहीं, रात में अनावश्यक शोर या परेशान करने वाले व्यवहार की स्थिति में रेलवे कर्मचारियों को शिकायत दें। किसी नियम के उल्लंघन पर कार्रवाई लागू प्रावधानों और मामले की परिस्थितियों के अनुसार की जाती है।