Pakistan : इमरान खान के बेटे ने सरकार से मांगे पिता के जिंदा होने के सबूत, सोशल मीडिया पर लगाई गुहार

सतीश कुमार
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Pakistan के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर पड़ोसी देश की राजनीति काफी गरमा गई है। इसी सप्ताह इमरान खान की हत्या की अफवाह के बाद इमरान खान के परिजनों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पाकिस्तान के जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे ने सरकार से मांग की है कि वह पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के फाउंडर के जिंदा होने का सबूत पेश दे। इमरान खान के बेटे कासिम खान ने शुक्रवार शाम को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, हम इमरान खान के जिंदा होने का सबूत मांग रहे हैं।

मीडिया में ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि 73 साल के पूर्व क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान की जेल में हत्या कर दी गई है, क्योंकि एक महीने से न तो उनके परिवार के सदस्यों और न ही उनके वकीलों और पार्टी के लोगों को उनसे मिलने दिया गया है। वह कई मामलों में दो साल से ज़्यादा समय से रावलपिंडी की जेल में बंद हैं।

जेल के बाहर इमरान की बहनों ने डाला डेरा
इमरान खान की तीन बहनें, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ता और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी पिछले कुछ दिनों से अदियाला जेल के बाहर डेरा डाले हुए हैं और शहबाज शरीफ सरकार पर दबाव डाल रहे हैं कि वह उनके परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने दे।

इमरान के बेटे ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कासिम खान ने कहा, मेरे पिता 845 दिनों से अरेस्ट हैं। पिछले 6 हफ्तों से उन्हें अकेले एक ‘डेथ सेल’ में रखा गया है। न तो किसी को उनसे मिलने दिया गया है, न ही कोई फोन कॉल या मैसेज दिया गया। उनकी बहनों को हर बार मिलने से मना कर दिया गया है, भले ही कोर्ट के साफ ऑर्डर में मिलने की इजाजत हो। कोई फोन कॉल नहीं, कोई मीटिंग नहीं हुई और जिंदगी का कोई सबूत नहीं मिला। मेरा और मेरे भाई का अपने पिता से कोई संपर्क नहीं हुआ है।

शहबाज सरकार पर निशाना साधते हुए कासिम ने आगे कहा कि यह पूरी तरह से ब्लैकआउट है…. कोई सिक्योरिटी प्रोटोकॉल नहीं है। यह मेरे पिता की हालत छिपाने और हमारे परिवार को यह जानने से रोकने की एक जानबूझकर की गई कोशिश है। हमें नहीं पता वह सुरक्षित हैं या नहीं।  पाकिस्तानी सरकार और उनके हैंडलर मेरे पिता की सुरक्षा और इस अमानवीय आइसोलेशन के हर नतीजे के लिए कानूनी, नैतिक और इंटरनेशनल लेवल पर पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। उन्होंने इंटरनेशनल कम्युनिटी, ग्लोबल ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन और हर डेमोक्रेटिक आवाज से तुरंत दखल देने की भी अपील की।

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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