Bareilly local news : 15 मिनट को गाड़ी से कपड़े लेने गया, वापस आया तो जुड़वा के बजाय एक बेटी सौंप दी

सतीश कुमार
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Bareilly,अमन शांति।डिलीवरी रूम में प्रसव से पहले स्टाफ ने दो शिशु बताए। उसके बाद बच्चे के कपड़े लेने के लिए भेजा और वह नीचे गाड़ी से कपड़े लेकर वापस लेबर रूम पहुंचा तो उसकी गोद में एक बेटी लाकर सौंप दी गई। दादी भी लेबर रूम के बाहर ही थीं। यह सब महज 15 से 20 मिनट के बीच में ही हो गया।

मैंने पूछा भी कि गर्भ के 33 हफ्ते की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में जुड़वा शिशुओं का जिक्र है तो मेरा एक बच्चा कहां है? इसका जवाब देने के बजाय स्टाफ इधर-उधर टकराता रहा। गुरुवार को जिला महिला अस्पताल में इस प्रकरण की जांच कर रही टीम के सामने बयान देने के दौरान पीड़ित परिवार आखिर तक यह पूछता रहा कि मेरा दूसरा बच्चा आखिर कहां है?

सरकारी सिस्टम को हिलाकर रख देने वाले इस अनुत्तरित सवाल के बीच भुता के जिगरेना निवासी सुरेश बाबू और उसका परिवार आठ दिसंबर से सदमे में है। इसी दिन सुरेश बाबू ने जिला महिला अस्पताल में पत्नी राजेश्वरी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया था। यहां 14 नवंबर को पत्नी के आठ माह की गर्भवती होने पर अल्ट्रासाउंड कराया था तो उस समय सीनियर रेडियोलाजिस्ट डा. सीपी सिंह ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में साफ तौर से लिखा था कि गर्भ में जुड़वा शिशु पल रहे हैं।

इतना ही नहीं, उसमें दिल की धड़कनों का भी अलग-अलग जिक्र किया गया। इसमें एक शिशु की धड़कन 126 और दूसरे की 151 प्रति मिनट दर्शाई गई थी। लेकिन आठ दिसंबर को प्रसव के बाद अस्पताल के स्टाफ ने जब एक बेटी का जन्म होना बताया तो वह चौंक गए। इसके बाद से ही वह मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी से लेकर डीएम अविनाश सिंह को शिकायत करने के साथ मुख्यमंत्री तक शिकायत भेज चुकी है।

बुधवार को डीएम ने सीएमओ डा. विश्राम सिंह को 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया तो गुरुवार को सुबह से ही जांच टीम सक्रिय हो गई। आनन-फानन में न केवल घटनाक्रम से जुड़े महिला अस्पताल के स्टाफ को तलब कर लिया गया, बल्कि पीड़ित परिवार को भी बयान देने के लिए जल्द पेश होने की जानकारी दे दी गई।

दोपहर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. पुष्पलता के नेतृत्व में एसीएमओ/रेडियोलाजिस्ट डा. अमित कुमार और फिजिशियन डा. आरके गुप्ता सीएमएम डा. त्रिभुवन प्रसाद के कार्यालय में पहुंच गए। कुछ ही देर बाद पीड़ित पिता सुरेश बाबू, पत्नी राजेश्वरी देवी, बाबा विशंभर दयाल, भाई सुशंतर और चाचा रामभरोसे के साथ वहां पहुंच गए। जांच टीम के सदस्यों ने पीड़ित परिवार के बयान लिए।

सुरेश बाबू व राजेश्वरी देवी ने आठ दिसंबर की शाम को जिला महिला अस्पताल के प्रसव कक्ष में जो कुछ भी हुआ, उसे लेकर सिलसिलेवार जानकारी दी गई। उसका टीम के लोगों के सामने बस यही कहना था साहब, जब अस्पताल के अल्ट्रासाउंड में जुड़वा शिशुओं के बारे में स्पष्ट रिपोर्ट दी गई है तो मेरा एक बच्चा कहां है? हालांकि टीम ने आश्वस्त किया कि पूरी रिपोर्ट तैयार होने पर हकीकत उजागर हो सकेगी।

आज भी होंगे बयान, रेडियोलाजिस्ट और आशा को किया तलब

डीएम के निर्देश पर वैसे तो टीम को गुरुवार की शाम तक हर हाल में रिपोर्ट तैयार करनी थी लेकिन इसमें कई लोगों के बयान नहीं हो सके। इसलिए इन्हें शुक्रवार को भी बुलाया गया है। गुरुवार को ड्यूटी के दौरान मौजूद चिकित्सक डा. सीमा सिंह, नर्स अनीता पाल, वार्ड आया आदि के बयान तो हो गए, लेकिन रेडियोलाजिस्ट डा. सीपी सिंह, आशा गुड्डी देवी और पीड़ित परिवार की दादी के बयान अभी बाकी हैं। टीम ने इन सभी को शुक्रवार को पेश होने के लिए कहा है। बता दें कि डा. सीपी सिंह अवकाश थे, इसलिए उनके बयान नहीं हो सके।

निजी अल्ट्रासाउंड वाले ने जुड़वा रिपोर्ट आने पर छह सौ बजाय 12 सौ रुपये लिए थे

पीड़ित पिता सुरेश बाबू ने बताया कि इसी साल तीन दिसंबर को भुता के बरेली अल्ट्रासाउंड नाम के एक निजी सेंटर पर पत्नी राजेश्वरी देवी का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पहुंचा था। पहले इसका शुल्क छह सौ रुपये बताया गया, बाद में रिपोर्ट जुड़वा की आने पर उससे 12 सौ रुपये लिए गए। इसके बाद 14 नवंबर को जिला महिला अस्पताल की दोबारा जांच रिपोर्ट में भी जुड़वा बच्चे दिखाई दिए।

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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