अब ChatGPT भी दिखाएगा पर्सनल ऐड्स! आपकी चैट से तय होंगे विज्ञापन, जानिए क्या प्राइवेसी पर पड़ेगा असर?

ChatGPT Ads: ChatGPT का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ChatGPT अब यूजर्स की बातचीत के आधार पर ऐसे विज्ञापन दिखा सकता है जो उनकी रुचि और जरूरतों से मेल खाते हों. यानी आप जिस बारे में बात करेंगे, उससे जुड़े प्रोडक्ट या सर्विस के ऐड सामने आ सकते हैं.

फ्री यूजर्स के लिए शुरू होगा ऐड टेस्ट

OpenAI ने जानकारी दी है कि वह ChatGPT के फ्री वर्जन में विज्ञापनों का टेस्ट शुरू करने जा रहा है. यह फिलहाल अमेरिका में लॉग-इन किए गए वयस्क यूजर्स के लिए लागू होगा. इसके साथ ही कंपनी ने 8 डॉलर प्रति महीने वाला नया “Go” सब्सक्रिप्शन प्लान भी पेश किया है. इस प्लान में लंबी मेमोरी और ज्यादा इमेज जनरेशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी लेकिन इसमें भी विज्ञापन दिखाए जाएंगे. वहीं Plus, Pro और बिजनेस यूजर्स को ऐड-फ्री एक्सपीरियंस मिलेगा.

कमाई बढ़ाने की जरूरत बनी वजह

OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन पहले ChatGPT में विज्ञापन लाने को लेकर हिचकिचाहट जता चुके हैं. लेकिन कंपनी पर बढ़ते खर्च का दबाव साफ नजर आ रहा है. OpenAI अगले कुछ सालों में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश करने जा रही है और इसके लिए नए रेवेन्यू सोर्स तलाशे जा रहे हैं. कंपनी का लक्ष्य 2025 तक सालाना कमाई को कई अरब डॉलर तक पहुंचाना है.

बातचीत से तय होंगे विज्ञापन

ChatGPT में दिखने वाले विज्ञापन आम ऐड्स जैसे नहीं होंगे. यूजर की चैट को समझकर उसी से जुड़े ऐड दिखाए जाएंगे. उदाहरण के तौर पर अगर कोई यूजर ट्रैवल प्लानिंग में मदद मांगता है तो उसे होटल, फ्लाइट या लोकल एंटरटेनमेंट से जुड़े विज्ञापन दिख सकते हैं. ये ऐड ChatGPT के जवाब के नीचे “Sponsored” टैग के साथ नजर आएंगे.

जवाबों पर नहीं पड़ेगा ऐड का असर

OpenAI का कहना है कि विज्ञापन ChatGPT के जवाबों को प्रभावित नहीं करेंगे. कंपनी के मुताबिक, यूजर्स का भरोसा बनाए रखना सबसे जरूरी है और ChatGPT हमेशा वही जवाब देगा जो सही और उपयोगी होगा. साथ ही, यूजर चाहें तो अपनी बातचीत के आधार पर ऐड पर्सनलाइजेशन को बंद भी कर सकते हैं.

डेटा बेचने से किया इनकार

कंपनी ने साफ किया है कि वह यूजर्स की चैट या पर्सनल डेटा को विज्ञापन देने वालों को नहीं बेचेगी. इसके अलावा हेल्थ, मानसिक स्वास्थ्य और राजनीति जैसे संवेदनशील विषयों पर बातचीत के दौरान कोई विज्ञापन नहीं दिखाया जाएगा.

बच्चों को नहीं दिखेंगे विज्ञापन

OpenAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि 18 साल से कम उम्र के यूजर्स को विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे. कंपनी AI की मदद से यूजर्स की उम्र का अनुमान लगाती है, ताकि नाबालिगों को ऐड से दूर रखा जा सके.

AI और विज्ञापन का बढ़ता रिश्ता

AI प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन का चलन धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है. हाल ही में Meta ने भी अपने AI चैटबॉट में यूजर इंटरैक्शन के आधार पर पर्सनलाइज्ड ऐड दिखाने की शुरुआत की है. ऐसे में आने वाले समय में AI और विज्ञापन का यह मेल और आम हो सकता है.

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