Solar Eclipse Health Effects:सूर्य ग्रहण देखने से आंखें ही नहीं, ये अंग भी हो जाते हैं खराब, ऐसे समझें खतरा

सतीश कुमार
4 Min Read


How Solar Eclipse Affects Human Health: इस साल का पहला सूर्यग्रहण 17 फरवरी 2026, मंगलवार को फाल्गुन अमावस्या के दिन होगा. हालांकि, भारत में आप इसको आसमान से नहीं देख पाएंगे. यह दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी अर्जेंटीना और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों से दिखाई देगा. चलिए आपको बताते हैं कि इससे आपकी सेहत पर क्या असर पड़ता है. 

विज्ञान सूर्य ग्रहण और सेहत को कैसे देखता है?

साइंटफिक नजरिए से सूर्य ग्रहण अपने आप में कोई नुकसान नहीं पहुंचाता. असली खतरा तब होता है, जब लोग बिना सुरक्षा के सूर्य को सीधे देखने की कोशिश करते हैं. ग्रहण के दौरान भी सूरज की किरणें आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे सोलर रेटिनोपैथी नाम की समस्या हो सकती है और नजर हमेशा के लिए कमजोर पड़ सकती है इसलिए एक्सपर्ट हमेशा इक्लिप्स ग्लास या सुरक्षित तरीकों से ही देखने की सलाह देते हैं. कुछ रिसर्च यह भी बताते हैं कि इस तरह की खगोलीय घटनाएं कुछ लोगों की नींद और बॉडी क्लॉक पर हल्का असर डाल सकती हैं. अचानक रोशनी कम होने से शरीर की जैविक घड़ी थोड़ी देर के लिए भ्रमित हो सकती है, जिससे कुछ लोगों को थकान या बेचैनी महसूस होती है.

मूड और एनर्जी में बदलाव

साइकलॉजिस्ट मानते हैं कि सूर्य ग्रहण जैसे रेयर मौके इमोशनल रूप से लोगों को प्रभावित कर सकते हैं. भले ही विज्ञान सीधे तौर पर मूड स्विंग्स को ग्रहण से न जोड़ता हो, लेकिन अचानक छाया और माहौल में बदलाव कुछ लोगों को असहज या उदास महसूस करा सकता है. कई बार यह समय आत्ममंथन और शांति का अहसास भी कराता है.
एक्सपर्ट का कहना है कि जो लोग पहले से तनाव या एंग्जायटी से जूझ रहे होते हैं, उनमें इस दौरान स्ट्रेस हार्मोन बढ़ सकता है.

परंपराएं और खाने से जुड़े नियम

भारतीय परंपराओं में सूर्य ग्रहण को खास महत्व दिया गया है. पुराने समय में ग्रहण के दौरान खाना बनाने या खाने से बचने की सलाह दी जाती थी. मान्यता है कि इस दौरान हानिकारक किरणें भोजन को खराब कर देती हैं. वैज्ञानिक रूप से इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है, लेकिन कुछ माइक्रोबायोलॉजिस्ट मानते हैं कि पुराने जमाने में ग्रहण के वक्त खाना लंबे समय तक खुले में पड़ा रहता था, जिससे उसके खराब होने की आशंका रहती थी. संभव है कि यहीं से यह परंपरा शुरू हुई हो. आज भी कई घरों में ग्रहण के बाद बना हुआ खाना फेंककर नया भोजन तैयार किया जाता है.

गर्भावस्था से जुड़ी दिक्कतें

गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के दौरान घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि इससे गर्भस्थ शिशु पर असर पड़ सकता है. हालांकि विज्ञान ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं करता. लेकिन यह जरूर सच है कि गर्भावस्था में तनाव और थकान से बचना जरूरी होता है. चूंकि ग्रहण को लेकर कई जगहों पर डर और चिंता का माहौल बन जाता है, इसलिए बुजुर्गों ने शायद यह नियम महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक शांति के लिए बनाए हों.

ये भी पढ़ें: Heart Attack After Stent: स्टेंट डलवाने के बाद भी क्यों ब्लॉक हो जाती हैं दिल की नसें? डॉक्टर से समझें

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

Share This Article
Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
Leave a Comment