Tech News

अंतरिक्ष में डॉक्टर नहीं! फिर ISS पर मेडिकल इमरजेंसी होने पर NASA क्या करता है? जानिए हैरान करने वाला सच

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On January 20, 2026
1 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now

NASA: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर कोई भी पेशेवर डॉक्टर तैनात नहीं होता. इसके बावजूद NASA ने अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए बेहद सख्त और आधुनिक व्यवस्थाएं बनाई हैं. साल 2026 में एक गंभीर मेडिकल समस्या के कारण एक स्पेसवॉक रद्द करनी पड़ी और क्रू को समय से पहले पृथ्वी पर वापस लाने पर भी विचार किया गया. इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि अंतरिक्ष में मेडिकल इमरजेंसी से निपटने की NASA की तैयारियां कितनी अहम हैं.

हर क्रू के लिए अलग फ्लाइट सर्जन

NASA हर अंतरिक्ष मिशन के लिए एक विशेष स्पेस मेडिसिन डॉक्टर नियुक्त करता है जिसे फ्लाइट सर्जन कहा जाता है. यही डॉक्टर मिशन से पहले अंतरिक्ष यात्रियों की पूरी मेडिकल जांच करता है और उड़ान के दौरान पृथ्वी से ही उनकी सेहत पर नजर रखता है. मिशन खत्म होने के बाद भी रिकवरी और फॉलो-अप की जिम्मेदारी उसी की होती है.

अंतरिक्ष यात्री ही बनते हैं मेडिकल रेस्पॉन्डर

ISS पर मौजूद सभी अंतरिक्ष यात्रियों को इमरजेंसी मेडिकल ट्रेनिंग दी जाती है. उन्हें प्राथमिक उपचार, ट्रॉमा केयर और जरूरी मेडिकल उपकरणों के इस्तेमाल की गहन ट्रेनिंग मिलती है. हर क्रू मेंबर के पास एक मेडिकल किट होती है, जिसमें ट्रॉमा टूल्स और अल्ट्रासाउंड जैसी आधुनिक तकनीक शामिल रहती है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत जांच की जा सके.

टेलीमेडिसिन से होता है इलाज

ISS और पृथ्वी के बीच सुरक्षित टेलीमेडिसिन सिस्टम मौजूद है. किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर अंतरिक्ष यात्री सीधे पृथ्वी पर मौजूद फ्लाइट सर्जन और विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं. वीडियो और डेटा के जरिए डॉक्टर हालात को समझते हैं और तुरंत निर्देश देते हैं. अंतरिक्ष यात्री टॉम मार्शबर्न के शब्दों में, “हमारे पास हर स्थिति से निपटने के लिए जरूरी उपकरण मौजूद हैं.”

ISS में दवाइयों और उपकरणों की पूरी व्यवस्था

NASA के अनुसार, ISS पर एक मजबूत ऑनबोर्ड फार्मेसी मौजूद है जिसमें कई जरूरी दवाएं रखी जाती हैं. साथ ही मेडिकल उपकरणों का ऐसा सेट भी होता है जिसे इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग क्रू को पहले से दी जाती है. एक बार जब किसी अंतरिक्ष यात्री को ब्लड क्लॉट जैसी गंभीर समस्या हुई थी, तब दवाओं का इस्तेमाल बेहद सीमित और सोच-समझकर किया गया ताकि वह सुरक्षित रूप से पृथ्वी तक वापस आ सके.

इमरजेंसी में पृथ्वी पर वापसी का प्लान

अगर हालात ISS पर संभाल से बाहर हो जाएं, तो आपातकालीन निकासी की योजना तैयार रहती है. स्टेशन से जुड़े सोयूज या क्रू ड्रैगन कैप्सूल लाइफबोट की तरह काम करते हैं. जरूरत पड़ने पर क्रू तुरंत स्टेशन से अलग होकर पृथ्वी की ओर लौट सकता है. लैंडिंग के समय फ्लाइट सर्जन और मेडिकल टीम पहले से मौजूद रहती है ताकि अंतरिक्ष यात्री को तुरंत इलाज मिल सके.

बिना डॉक्टर भी सुरक्षित है अंतरिक्ष मिशन

हालांकि ISS पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं होता, लेकिन NASA की ट्रेनिंग, टेलीमेडिसिन और इमरजेंसी सिस्टम इतने मजबूत हैं कि हर मेडिकल स्थिति से निपटा जा सके. यही वजह है कि अंतरिक्ष में रहकर भी अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत पृथ्वी जितनी ही सुरक्षित मानी जाती है.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।

Leave a Comment