इंटरनेट के दौर में आज पॉडकास्ट एक बेहतर विकल्प है। कंटेंट आपका अच्छा है तो इंटरनेट की दुनिया में कॅरिअर बनाया जा सकता है। ये बात लखनऊ विश्वविद्यालय पत्रकारिता व जनसंचार विभाग के प्रोफेसर डॉ. मुकुल श्रीवास्तव ने कहीं। मौका था सोमवार को नेशनल पीजी कॉलेज में छह दिवसीय साउंड क्रॉफ्ट द ऑडियो वर्कशॉप के पहले दिन का।
उन्होंने कहा कि रेडियो में ये जरूरी नहीं है कि क्या बोला जा रहा है बल्कि ये जरूरी है कि कैसे बोला जा रहा है। आज इंटरनेट पर सब कंटेंट क्रिएटर तो बनते जा रहे हैं, लेकिन श्रोता कौन बनेगा ये आपका बेहतर कंटेंट ही तय करेगा। कंटेंट की दुनिया बहुत क्रूर होती है। लोगों को बहुत जल्दी भुला देती है। उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए।
बताया कि रेडियो की दुनिया में प्रोमो लिखना और गढ़ना दोनों होता है। रेडियो और ऑडियो के लिए काम करने के लिए पहले से तैयारी करनी होती है। उच्चारण, शब्द ज्ञान और विषय ज्ञान जरूरी है। इस मौके पर प्राचार्य देवेंद्र सिंह सहित शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।

