Adulterated Milk Deaths: सावधान! मिलावटी दूध पीने से 4 लोगों की मौत, कहीं आपके घर भी तो नहीं आ रहा ‘सफेद जहर’? ऐसे करें पहचान

सतीश कुमार
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How To Identify Adulterated Milk At Home: आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम शहर में मिलावटी दूध पीने से चार लोगों की मौत होने का मामला सामने आया है. पूर्वी गोदावरी जिला प्रशासन ने सोमवार को इसकी पुष्टि की. पुलिस और हेल्थ विभाग की टीमों के मुताबिक सभी मृतकों ने एक ही स्थानीय विक्रेता से लिया गया दूध पिया था. शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि दूध में मिलावट थी, जिसके कारण पीड़ितों में यूरिन न आना यानी एनीयूरिया और किडनी से जुड़ी गंभीर दिक्कतें पैदा हुईं. डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस वाई श्रीकांत ने बताया कि बीते दो दिनों में अवैध विक्रेता द्वारा सप्लाई किए गए कथित मिलावटी दूध के सेवन से चार लोगों की जान गई है.

भारत में दूध की खपत काफी ज्यादा

भारत में दूध लगभग हर घर की जरूरत है. सुबह की चाय से लेकर खीर, दही और रोजमर्रा के कई व्यंजनों तक इसका इस्तेमाल होता है. ऐसे में दूध की शुद्धता को लेकर बढ़ती चिंताएं गंभीर हैं. पानी मिलाना, सिंथेटिक पदार्थ या अन्य केमिकल मिलाकर मात्रा बढ़ाना जैसी शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी और एक्सपर्ट का कहना है कि कुछ आसान घरेलू तरीकों से दूध में मिलावट की शुरुआती पहचान की जा सकती है.

कैसे कर सकते हैं पहचान?

मिलावटी दूध देखने में उतना ही सफेद और ताजा लग सकता है जितना शुद्ध दूध, लेकिन उसमें पानी, डिटर्जेंट, स्टार्च, यूरिया या कृत्रिम ठोस पदार्थ मिलाए जा सकते हैं. ऐसे दूध का नियमित सेवन डाइजेशन पर असर डाल सकता है, अंगों पर दबाव बढ़ा सकता है और न्यूट्रिशन मूल्य घटा सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह अधिक जोखिम भरा हो सकता है. सबसे पहले पानी की मिलावट जांचने के लिए किसी साफ और चिकनी ढलान वाली सतह जैसे स्टील की प्लेट या कांच पर दूध की एक बूंद डालें. शुद्ध दूध धीरे-धीरे नीचे की ओर सरकता है और पीछे सफेद लकीर छोड़ता है, जबकि पानी मिला दूध तेजी से बह जाता है और निशान नहीं छोड़ता.

उबालकर भी कर सकते हैं पता

उबालने और मलाई जांचने का तरीका भी कारगर माना जाता है. थोड़ा दूध उबालकर ठंडा होने दें. शुद्ध दूध पर सामान्यतः पतली मलाई की परत जमती है. यदि दूध में ज्यादा मिलावट है तो वह असामान्य रूप से झाग बना सकता है, जल्दी उफन सकता है या मलाई बहुत कम बन सकती है. डिटर्जेंट या झाग की जांच के लिए बराबर मात्रा में दूध और पानी को बोतल में डालकर हिलाएं. शुद्ध दूध में हल्का झाग बनता है जो जल्दी बैठ जाता है. अगर गाढ़ा और देर तक टिकने वाला झाग बने तो इसमें डिटर्जेंट या सिंथेटिक तत्व होने की आशंका हो सकती है.

इस तरह भी कर सकते हैं पता

स्टार्च की जांच के लिए उबले और ठंडे दूध में आयोडीन की दो-तीन बूंदें डालें. यदि रंग नीला हो जाए तो स्टार्च मिलाया गया हो सकता है. वहीं यूरिया की आशंका के लिए दूध और पानी बराबर मात्रा में मिलाकर लाल लिटमस पेपर डालें. अगर वह नीला हो जाए तो यूरिया की मात्रा अधिक हो सकती है. यदि आपको दूध में मिलावट का संदेह हो तो हमेशा लाइसेंसधारी डेयरी या भरोसेमंद ब्रांड से ही दूध खरीदें और पैकेट पर वैध एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर जरूर देखें. घरेलू जांच में गड़बड़ी का संकेत मिले तो स्थानीय फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी या संबंधित ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.



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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.