AIIMS Delhi: आखिर दो साल में AIIMS दिल्ली में क्यों तेजी से बढ़ी मरीजों की संख्या, क्या है इसकी वजह?

सतीश कुमार
5 Min Read


देश के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल AIIMS दिल्ली ने मरीजों के इलाज के मामले में नया इतिहास रच दिया है. पिछले एक साल के आंकड़े बताते हैं कि यहां इलाज के लिए पहुंचने वालों की संख्या ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. सिर्फ मरीजों की संख्या ही नहीं, बल्कि बेड्स और एडमिशन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की कहानी बयां करती है.

OPD में 48 लाख से ज्यादा मरीजों का इलाज, आंकड़ों ने बनाया नया रिकॉर्ड

AIIMS दिल्ली के ताजा आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024-25 के दौरान 48,43,572 मरीजों ने ओपीडी सेवाओं का लाभ उठाया. यह संख्या अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. अस्पताल प्रशासन के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी अहम है क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर मरीजों को संभालना किसी भी संस्थान के लिए बड़ी चुनौती होती है.

IPD में भी उछाल, 3.61 लाख मरीज हुए भर्ती

केवल ओपीडी ही नहीं, बल्कि भर्ती होकर इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है. वर्ष 2024-25 में 3,61,236 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया गया. यह दर्शाता है कि गंभीर मामलों में भी AIIMS पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है.

दो साल में 332 नए बेड्स जुड़े, ढांचे का हुआ विस्तार

पिछले तीन वर्षों की रिपोर्ट पर नजर डालें तो अस्पताल की आधारभूत संरचना में लगातार सुधार हुआ है. वर्ष 2024-25 तक कुल बेड्स की संख्या बढ़कर 3,657 हो गई है. दो साल के भीतर 332 नए बेड जोड़े गए, जो बढ़ती मरीज संख्या के मद्देनजर अहम कदम माना जा रहा है.

दो साल में 13.81 प्रतिशत बढ़ा ओपीडी लोड

अगर वर्ष 2022-23 की तुलना 2024-25 से की जाए तो ओपीडी में 5,87,771 अतिरिक्त मरीजों का इलाज किया गया. यह करीब 13.81 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है. इतने कम समय में इस स्तर की बढ़ोतरी स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग और संस्थान की क्षमता दोनों को दर्शाती है.

भर्ती मरीजों में करीब 29 प्रतिशत की छलांग

भर्ती होकर इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में तो और भी तेज उछाल दर्ज हुआ है. वर्ष 2022-23 में जहां 2,80,770 मरीज IPD में भर्ती हुए थे, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 3,61,236 तक पहुंच गया. यानी दो साल में 80,466 मरीजों की बढ़ोतरी, जो लगभग 28.65 प्रतिशत की वृद्धि है. यह बढ़ोतरी एक तिहाई के करीब मानी जा रही है.

क्यों देशभर में AIIMS मॉडल बना भरोसे की मिसाल?

आज देश के अलग-अलग हिस्सों में करीब 22 AIIMS संस्थान संचालित हो रहे हैं. दिल्ली स्थित AIIMS की कार्यशैली और भरोसेमंद सेवाओं ने इसे एक मानक संस्थान बना दिया है. देश के कोने-कोने से लोग यहां उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं. खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए यह संस्थान अंतिम सहारा माना जाता है. लोगों को लगता है कि समय पर AIIMS से इलाज मिलने पर मरीज ठीक हो सकता है. यही भरोसा और उम्मीद यहां के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है. जिसका परिणाम लोगों को बेहतर इलाज के रूप में मिलता है और यही कारण है कि मरीजों एवं उनके परिजनों का AIIMS की तरफ ज्यादा झुकाव देखने को मिलता है.

ये भी पढ़ें: अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड लोगों को बना रहा शुगर का मरीज, नेपाल में शुरू हुई रिसर्च बनेगी गेम-चेंजर

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

Share This Article
Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.