Ajit Pawar Death: अजित पवार का अंतिम संस्कार एकादशी के दिन, क्या शास्त्रों में कोई विशेष मान्यता है

सतीश कुमार
3 Min Read


Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु बुधवार सुबह विमान हादसे में हो गई. 28 जनवरी की सुबह करीब 8.45 पर बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान अजित पवार का चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया. इस हादसे में अजित पवार सहित प्लेन में मौजूद अन्य 5 लोगों की भी मौत हो गई. इस हादसे के बाद महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में 3 दिन के शोक का ऐलान किया है.

अंतिम संस्कार कब

मीडिया रिपोर्ट्स की जानकारी के मुताबिक, अजित पवार का अंतिम संस्कार कल यानी गुरुवार को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान में किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, सुबह 9 बजे अंतिम यात्रा निकलेगी और सुबह 11 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा. 29 जनवरी को एकादशी तिथि रहेगा. ऐसे में धर्म व ज्योतिष को मानने वालों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि, एकादशी तिथि पर अंतिम संस्कार करने का क्या महत्व होता है, क्या शास्त्रों में इसके लिए कोई विशेष मान्यता है?

एकादशी पर नहीं करना चाहिए अंतिम संस्कार!

एकादशी तिथि पर मृत्यु होना शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि, एकादशी तिथि पर मृत्यु हो तो मोक्ष की प्राप्ति होती है. लेकिन अंतिम संस्कार के लिए द्वादशी तिथि तक रुकना चाहिए. वैष्णव परंपरा के अनुसार, एकादशी के दिन अंतिम संस्कार न करने का कारण यह है कि, शवदाह के समय पिंडदान करने के लिए अन्न का प्रयोग होता है, जबकि एकादशी पर अन्न का प्रयोग वर्जित है. इसलिए एकादशी के दिन यदि मृत्यु हो तो द्वादशी के दिन ही अंतिम संस्कार करना चाहिए.

हालांकि शास्त्रों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि, जन्म और मृत्यु जैसी घटनाएं प्राकृतिक हैं, इसलिए इनपर तिथि का दोष नहीं लगाया जा सकता. लेकिन विशेष तिथियों में हुए मृत्यु या जन्म के दौरान होने वाले नियमों का पालन जरूर करना चाहिए. जैसे हिंदू धर्म में पंचक में हुई मृत्यु के लिए अंतिम संस्कार की कुछ विशेष विधियां होती हैं.

अंतिम संस्कार का मुख्य उद्देश्य आत्मा की शांति और परिजनों का कर्तव्य 

धर्मशास्त्रों में कहा गया है कि, मृत्यु के बाद शव का अंतिम संस्कार यथाशीघ्र करना चाहिए. केवल सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं करना चाहिए. अंतिम संस्कार के लिए एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या या अन्य कोई भी तिथि अशुभ नहीं होती. परिस्थितियों के अनुसार और विधिपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाना ही शास्त्रसम्मत है. अंतिम संस्कार का मुख्य उद्देश्य आत्मा की शांति और परिजनों का कर्तव्य पालन है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



Source link

Share This Article
Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
Leave a Comment