अमेठी। विश्व वेटलैंड दिवस की थीम आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान, सांस्कृतिक विरासत का उत्सव को साकार करने की दिशा में गौरीगंज विकासखंड के हरखपुर गांव स्थित चंदवा वेटलैंड को पुनरुद्धार और ईको-टूरिज्म विकास के लिए चुना गया है। यह पहल न केवल विदेशी पक्षियों को आशियाना देगी, बल्कि जल स्रोतों के संरक्षण में सहायक होगी। साथ ही स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
जिला मुख्यालय से लगभग तीन किलोमीटर दूर 11 हेक्टेयर में फैला चंदवा वेटलैंड नगर पालिका परिषद गौरीगंज की सीमा में आता है। विशुनदासपुर, मिश्रौली, माधोपुर, जेठौना और कटरा लालगंज जैसे राजस्व गांवों से घिरा यह क्षेत्र पारिस्थितिकी की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस वेटलैंड को जैव विविधता संरक्षण और ईको-टूरिज्म के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। चयन की सूचना मुख्यालय भेज दी गई है और उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलते ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
वेटलैंड के संरक्षण से क्षेत्र की जलधारण क्षमता बढ़ेगी, जिससे भूजल स्तर में सुधार होगा। साथ ही प्रवासी पक्षियों की संख्या में वृद्धि की संभावना है। वेटलैंड के आसपास रहने वाले स्थानीय समुदाय को इस योजना से सीधा लाभ मिलेगा, जो वर्तमान में मत्स्य पालन और कृषि के लिए इसी जल पर निर्भर हैं। ईको-टूरिज्म के रूप में विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
रोपे जाएंगे 3200 पौधे
वन विभाग के अनुसार, क्षेत्र में सियार, लोमड़ी, नेवला, गिलहरी, खरगोश, बंदर और लंगूर जैसे वन्यजीव पाए जाते हैं। पक्षियों की प्रजातियों में तीतर, बटेर, मोर, तोता, बगुला, सारस, किंगफिशर, नीलकंठ, गौरैया और मैना शामिल हैं। सरीसृप वर्ग में कछुआ, गोह, छिपकली, गिरगिट, अजगर और सांप भी मौजूद हैं। वेटलैंड संरक्षण वन घोषित होने के बाद यहां अर्जुन, जामुन, पीपल, पाकड़, गूलर, बरगद और सागौन के 3,200 पौधे लगाए जाएंगे, जिससे वन्यजीवों को सुरक्षित आवास मिल सकेगा।
बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
डीएफओ अमेठी रणवीर मिश्र ने बताया कि वेटलैंड संरक्षण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। एक जिला एक वेटलैंड की परिकल्पना को साकार करने के लिए चंदवा वेटलैंड को पुनरुद्धार और ईको-टूरिज्म विकास के लिए चुना गया है। वेटलैंड विकास से भूजल स्तर में सुधार होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

