
सबसे पहले बात करते हैं Apple Wallet की. इसे आप अपने iPhone में मौजूद एक डिजिटल वॉलेट की तरह समझ सकते हैं. इसमें आप अलग-अलग तरह के डिजिटल कार्ड और पास सुरक्षित रख सकते हैं. Wallet में क्रेडिट और डेबिट कार्ड के अलावा बोर्डिंग पास, टिकट, लॉयल्टी कार्ड, इवेंट पास और कुछ अन्य डिजिटल पास सेव किए जा सकते हैं. यानी इसका मुख्य काम आपके जरूरी कार्ड और पास को एक ही जगह पर मैनेज रखना है. जैसे अगर किसी एयरलाइन का बोर्डिंग पास Wallet में सेव है तो जरूरत पड़ने पर उसे आसानी से खोला जा सकता है. इसी तरह कुछ जगहों पर सपोर्ट मिलने पर Wallet में सेव किए गए कार्ड का इस्तेमाल भी किया जा सकता है.

Apple Pay एक पेमेंट सर्विस है जिसकी मदद से यूजर सपोर्टेड जगहों पर अपने Apple डिवाइस के जरिए पेमेंट कर सकता है. इसके लिए बैंक कार्ड को Apple Pay में कनेक्ट करना होता है और फिर जहां Apple Pay एक्सेप्ट किया जाता है, वहां पेमेंट किया जा सकता है.

iPhone में Apple Pay से जुड़ा कार्ड नॉर्मली Wallet ऐप में दिखाई देता है. यही वजह है कि दोनों को लेकर कंफ्यूजन पैदा होता है. आसान शब्दों में कहें तो Wallet वह जगह है जहां कार्ड मौजूद रहता है जबकि Apple Pay उस कार्ड के जरिए पेमेंट करने की सुविधा यूजर को देता है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Apple Pay की उपलब्धता देश और क्षेत्र के हिसाब से अलग होती है. भारत में iPhone यूजर्स Apple Wallet में कई तरह के डिजिटल पास और दूसरे सपोर्टेड आइटम रख सकते हैं लेकिन Apple Pay की नॉर्मस कार्ड-बेस्ड फीचर भारत में उसी तरह उपलब्ध नहीं है जैसे अमेरिका और कुछ दूसरे देशों में है. यही वजह है कि भारत में रहने वाले यूजर्स को Wallet देखकर ये नहीं मान लेना चाहिए कि वे हर बैंक के कार्ड से Apple Pay के जरिए पेमेंट कर पाएंगे.

Apple Wallet और Apple Pay को एक ही समझना सबसे बड़ी गलती हो सकती है. Wallet एक डिजिटल जगह/ऐप है, जबकि Apple Pay पेमेंट की सुविधा है. दोनों साथ काम कर सकते हैं लेकिन दोनों का मकसद अलग है. इस अंतर को समझने का सबसे आसान तरीका है Wallet में चीजें रखी जाती हैं, जबकि Apple Pay के जरिए सपोर्टेड कंडिशन में पेमेंट किया जाता है. इसलिए अगली बार iPhone में इन दोनों नामों को देखकर कन्फ्यूज होने की जरूरत नहीं है.
Published at : 10 Sep 2026 07:27 PM (IST)