Ayodhya,अमन शांति। घरेलू कामगारों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंतन एनवायरनमेंटल रिसर्च एण्ड एक्शन ग्रुप द्वारा इनडोर वायु प्रदूषण एवं सुरक्षा विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, विपिन खंड, गोमती नगर, लखनऊ के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। कार्यशाला में 42 घरेलू कामगारों ने भाग लिया।
कार्यशाला कनाडा फंड फॉर लोकल इनिशिएटिव्स के सहयोग से तथा क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, लखनऊ, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और लखनऊ स्वच्छता अभियान के साथ साझेदारी में आयोजित की गई। कार्यशाला के दौरान डॉ. भाव्या सिंह, सिटी कोऑर्डिनेटर, लखनऊ (चिंतन) ने घरेलू कामगारों को इनडोर वायु प्रदूषण, घरों में मौजूद धूल एवं प्रदूषकों के स्रोत, तथा दैनिक सफाई कार्य के दौरान स्वयं को सुरक्षित रखने के सरल उपायों की जानकारी दी।
डॉ. रीना वर्मा, मेडिकल ऑफिसर, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन ने बताया कि लंबे समय तक इनडोर धूल एवं प्रदूषकों के संपर्क में रहने से फेफड़ों की क्षमता धीरे-धीरे कम होती है और हृदय स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सफाई से जुड़े कार्यों के बाद हाथ धोने की आदत को अत्यंत आवश्यक बताते हुए इस पर विशेष जोर दिया। उज्ज्वल चौरसिया, लखनऊ स्वच्छता अभियान ने कचरा पृथक्करण (वेस्ट सेग्रीगेशन) पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसकी शुरुआत हमारे अपने रसोईघर से होती है। उन्होंने घरेलू कामगारों को घरों, कार्यालयों एवं अन्य स्थानों की स्वच्छता की रीढ़ बताते हुए उनके योगदान को सराहा। कार्यशाला के दौरान एक रोचक गतिविधि भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों को मंच पर बुलाकर सूखे और गीले कचरे को सही डिब्बों में डालने का अभ्यास कराया गया। सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।